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चुनावी माहौल में शराब बिक्री के सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े, दुकानदारों की बढ़ गई टेंशन

बीते चुनाव के आंकड़े बताते हैं कि आचार संहिता लागू होने के बाद से शराब की बिक्री में लगातार इजाफा हुआ है। इस बार आचार संहिता के बाद शराब की बिक्री के जो आंकड़े आए हैं वह चौंकाने वाले है।
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 15 Nov 2018, 7:26 PM IST

A man arrested with illegal liquor

A man arrested with illegal liquor

जितेन्द्र दहिया/रायपुर. बीते चुनाव के आंकड़े बताते हैं कि आचार संहिता लागू होने के बाद से शराब की बिक्री में लगातार इजाफा हुआ है। इस बार आचार संहिता के बाद शराब की बिक्री के जो आंकड़े आए हैं वह चौंकाने वाले है। 8 अक्टूबर के बाद से जिले की अधिकांश शराब दुकानों का मुनाफा 5 से 99 फीसदी तक गिर गया है।

बिक्री का आंकड़ा सितंबर माह में 97 करोड़ 26 लाख 14 हजार 240 रुपए था। वह अक्टूबर माह में 90 करोड़ 68 लाख 19 हजार 510 रुपए रह गई है। अक्टूबर माह में 6 करोड़ 57 लाख 94 हजार 730 रुपए कम बिक्री हुई है। ये आंकड़े बता रहे हैं कि चुनाव में पार्टिंया मतदाताओं को मुफ्त में शराब मुहैया करा रहीं है। जिसके कारण दुकानों में बिक्री कम हुई है।

अवैध शराब के मामले आ रहे हैं सामने
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक आचार संहिता लगने के बाद से अवैध शराब तस्करी के मामले में भारी कमी आई है। हकीकत यह है कि विभाग की मॉनीटरिंग कमजोर होने के कारण बस्तियों में शराब का खुलेआम वितरण किया जा रहा है।

देसी शराब सबसे अधिक जब्त
पिछले चुनाव की रिपोर्ट और पकड़े गए कोचियों के प्रकरण पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा देसी शराब की जब्ती हुई है। देसी शराब की बिक्री बीते माह 3 करोड़ 35 लाख 70 हजार 400 रुपए कम की हुई है। बियर की बिक्री भी 2 करोड़ 21 लाख 7 हजार 918 रुपए कम की हुई है। इसके साथ ही अंग्रेजी शराब की बिक्री में 1 करोड़ 01 लाख 16 हजार 421रुपए की कमी आई है। ये आंकड़े बतातें है कि मतदाताओं को सबसे ज्यादा देशी शराब बांटी जा रही है।

रायपुर जिले में कुल 70 शराब दुकानें
जिले में कुल 70 शराब दुकानें हैं। जिसमें से कुल 27 देसी और बांकी की अंगे्रजी शराब दुकानें है। इन दुकानों में हर माह लगातार बिक्री में इजाफा हो रहा था, लेकिन आचार संहिता के बाद से बिक्री में कमी आई है।

आबकारी विभाग सहायक आयुक्त पीएल साहू ने कहा कि बिक्री में कमी आई है। साल में कई बार यह स्थिति बनती है। इसका चुनाव से काई लेना देना नहीं है। अवैध तस्करी पर हमारी कड़ी नजर है। प्रकरण मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।