
माओवाद पर सियासत (photo source- Patrika)
रायपुर @संतराम साहू। Chhattisgarh Naxal Politics: नक्सलवाद के खात्मे के श्रेय को लेकर प्रदेश में सियासत का पारा चढ़ा हुआ है। सदन में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस के सहयोग नहीं मिलने के अमित शाह के दावे के बाद बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर उन्हें बहस के लिए चुनौती देते हुए पहले एक वीडियो जारी किया फिर न्यूज क्लिप साझा की। इस पर अब तीन बार के मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पलटवार किया है। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ सहित देश को नक्सलमुक्त करने वाले गृह मंत्री अमित शाह को ‘साध्य पुरुष कहा है।
डॉ. रमन सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नक्सलवाद से मुक्ति पर उनका आभार जताया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि 31 मार्च 2026 का यह ऐतिहासिक दिन राष्ट्र के लिए एक नई आशा और नई सुबह लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और आपके दृढ़ संकल्प से दशकों से नक्सलवाद के कष्ट झेल रही भारत भूमि अब अलोकतांत्रिक विचारधारा से पूरी तरह मुक्त हुई है।
रमन ने आगे लिखा कि आज मैं पूरे जिम्मेदारी के साथ यह बात लिख रहा हूं कि आजादी के बाद 562 रियासतों का भारत में विलय कराने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के उपरांत यदि देश को कोई सबसे मजबूत गृहमंत्री मिला है तो वह आप साध्य पुरुष हैं।
डॉ. रमन सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखा- आपकी जेब में तो झीरम घाटी नक्सल वारदात के सबूत थे, लेकिन जब हाथ डालते हैं तब सिर्फ आप अखबार की एक कतरन ही निकालते हैं। दूसरों पर कीचड़ उछालकर अपने दाग नहीं छुपाए जा सकते, एक बार आईने में देखिए कि आपने सत्ता के 5 वर्षों में सिर्फ दोषारोपण ही किया है।
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नक्सलवाद के मुद्दे पर बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में नक्सल समस्या को खत्म करने केंद्र की भाजपा सरकार को पूरा सहयोग किया गया था, लेकिन अमित शाह ने संसद में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान यह झूठ कहा कि कोई सहयोग नहीं किया था। इसके बाद एक और पोस्ट में एक न्यूज क्लिप दिखाई और लिखा और सबूत चाहिए क्या अमित शाहजी?. इस पर अब पूर्व सीएम और वर्तमान विधानसभा स्पीकर डॉ. रमन ङ्क्षसह ने पलटवार किया है।
डॉ. रमन सिंह द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को नक्सलवाद की समाप्ति पर लिखे पत्र पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, रमन सिंह ने नक्सलवाद के लिए तत्कालीन केन्द्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है,जबकि हकीकत यह है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की खेती करने का श्रेय डॉ. रमन सिंह को जाता है, 2003 से 2018 तक वे मुख्यमंत्री थे, उनके मुख्यमंत्री काल में जो नक्सलवाद बस्तर के तीन ब्लाकों तक था, वह फैलकर प्रदेश के 14 जिलों तक पहुंच गया।
बस्तर तक नक्सलवाद की धमक पहुंच गई थी। बैज ने कहा, ताडमेटला से लेकर झीरम जैसे दुर्दांत नरसंहार का कलंक जिसके माथे में लगा हुआ है वो रमन सिंह अपनी जिम्मेदारी तत्कालीन केंद्र सरकार पर थोप रहे थे। जबकि बस्तर के नक्सल क्षेत्रों में तैनात किए गए केन्द्रीय सुरक्षा बल मनमोहन सरकार के समय ही बस्तर आए थे। मोदी सरकार ने एक भी बटालियन की बढ़ोत्तरी नहीं की थी। बैज ने कहा कि रमन सिंह अपने पत्र में नक्सलवाद समाप्ति के लिए सीेएम विष्णुदेव साय और विजय शर्मा का जिक्र तक करना भी जरूरी नहीं समझा, ये भाजपा की गुटबाजी को दिखाता है।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा लगातार दिए जा रहे बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पांडेय ने बघेल की चुनौती को स्वीकार करते हुए कांग्रेस पार्टी से तीन सवाल पूछे। पहला- झीरम कांड के बाद जब कवासी लखमा रायपुर के रामकृष्ण हॉस्पिटल में थे तो उनसे मिलने गए कांग्रेस नेता चरणदास महंत, लखमा को क्यों डाट रहे थे और ये क्यों बोल रहे थे कि क्यों रे वहां लेकर क्यों गया।
दूसरा सवाल- कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता व फिल्म अभिनेता राज बब्बर 2018 में जब छत्तीसगढ़ आए थे और उन्होंने नक्सलियों को क्रांतिकारी क्यों कहा था? तीसरा सवाल- मानपुर के सरजू टेकाम जो यूएपीए के तहत की धारा में जेल के अंदर हैं उसके विषय में कुछ बताएंगे कि भूपेश बघेल एवं उनके दिवंगत पिता के बीच क्या संबंध थे? सांसद पांडेय ने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री उनके सवालों को जवाब दें तो वे जहां पर, जिस चैनल में हो या फिर सार्वजनिक सभा में डिबेट के लिए तैयार हैं।
Published on:
02 Apr 2026 07:18 pm
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