
भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट (photo source- Patrika)
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। प्रदेश में तापमान सामान्य के आसपास बना रह सकता है। यानी बारिश और बादलों के चलते फिलहाल लोगों को तेज गर्मी से राहत मिलती रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी दी गई है। बारिश के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे रहने से बचना जरूरी है।
29 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। बारिश का असर ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में देखने को मिल सकता है। मौसम में नमी बने रहने से तापमान में भी ज्यादा बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है।
30 अगस्त को भी छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दी है। इस दौरान कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो सकती है। लगातार बादल छाए रहने से दिन के तापमान में विशेष बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है।
31 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। मौसम विभाग के मुताबिक मानसूनी गतिविधियों के चलते बारिश का दौर आगे भी बना रह सकता है।
सितंबर की शुरुआत भी बारिश के साथ होने की संभावना है। 1 सितंबर को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। बारिश के कारण कई इलाकों में मौसम सुहावना बना रह सकता है। हालांकि भारी बारिश वाले स्थानों पर जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति बन सकती है।
2 सितंबर को भी प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस तरह अगले पांच दिनों के दौरान छत्तीसगढ़ में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। फिलहाल मौसम में अचानक बड़े बदलाव या तापमान में तेज बढ़ोतरी के संकेत नहीं हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं बस्तर संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। जगदलपुर में 24 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे बस्तर क्षेत्र में मौसम के सक्रिय रहने का संकेत मिला है।
राजधानी रायपुर में आज दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। यानी राजधानी में भी फिलहाल गर्मी से ज्यादा उमस और बादलों का असर देखने को मिलेगा।
27 अगस्त को लालपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। माना एयरपोर्ट पर अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं दुर्ग में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि आने वाले दिनों में बारिश और बादलों के प्रभाव के कारण तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले पांच दिनों तक प्रदेश के तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना रह सकता है। बारिश, बादल और नमी के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का असर बना रहेगा। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक लोगों को बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर भारी बारिश की चेतावनी वाले इलाकों में लोग मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। खेतों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को भी वज्रपात के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
Updated on:
28 Aug 2026 10:09 am
Published on:
28 Aug 2026 10:09 am
