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Chhattisgarh News: बच्चों का दर्द सिर्फ बढ़ती उम्र का असर नहीं, कमजोर हो सकती हैं हड्डियां, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

World Pediatric Bone and Joint Day: बच्चों में बार-बार घुटने, कमर या कूल्हे में दर्द को बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। विटामिन-D और कैल्शियम की कमी से हड्डियों के विकास पर असर पड़ सकता है।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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ताबीर हुसैन

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Oct 19, 2026

Vitamin D Deficiency in Children

बच्चों के जोड़ों और हड्डियों पर बढ़ रहा दबाव (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@ताबीर हुसैन। Children Bone Health: बच्चों में घुटने, कमर या कूल्हे में दर्द को अक्सर बढ़ती उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन बार-बार दर्द होना, चलने में परेशानी या रात में लगातार दर्द बने रहना किसी समस्या का संकेत हो सकता है। भारी स्कूल बैग, खेलकूद की कमी और खानपान में जरूरी चीजों की कमी बच्चों की हड्डियों और जोड़ों की सेहत पर असर डाल सकती है। ऐसे में माता-पिता को बच्चों की शिकायतों पर ध्यान देना जरूरी है।

सितंबर 2025 में प्रकाशित एक शोध में भारत के 18 साल तक के बच्चों और किशोरों से जुड़े 23 अध्ययनों का विश्लेषण किया गया। इसमें 66.4 प्रतिशत में विटामिन-डी की कमी का अनुमान सामने आया। विटामिन-डी शरीर में कैल्शियम के इस्तेमाल और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसकी गंभीर कमी से बच्चों में रिकेट्स की समस्या हो सकती है, जिसमें हड्डियां कमजोर होकर मुड़ सकती हैं।

पहले साल में विटामिन-डी जरूरी

डॉ. सागर स्वर्णकार, बाल रोग विशेषज्ञ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरंग के मुताबिक, जन्म से एक साल तक के बच्चों को विटामिन-डी देना जरूरी है, क्योंकि मां के दूध में इसकी मात्रा आमतौर पर कम होती है। इसकी कमी से हड्डियों की कमजोरी, दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी और दांत निकलने में देरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

रोज एक घंटा खेलना जरूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 5 से 17 साल के बच्चों को सप्ताह में औसतन हर दिन कम से कम 60 मिनट तेज चलने, दौडऩे, साइकिल चलाने या खेलने जैसी गतिविधियों में बिताने चाहिए। सप्ताह में कम से कम तीन दिन हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करने वाले खेल भी शामिल होने चाहिए। पढ़ाई के बीच छोटे ब्रेक लें और बैठने का सही तरीका अपनाएं। अगर बच्चे को बार-बार दर्द हो तो जांच कराएं। बुखार के साथ जोड़ों में दर्द, लंगड़ाना, पैर पर वजन न डाल पाना, रात में लगातार दर्द या बिना कारण वजन घटना ऐसे संकेत हैं, जिनमें तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। - डॉ. आलोक सी. अग्रवाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ, एम्स रायपुर

934 बच्चों पर अध्ययन

2022 में जर्नल ऑफ फैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर में प्रकाशित एक अध्ययन में भोपाल के चार निजी स्कूलों के 8 से 15 साल के 934 बच्चों को शामिल किया गया। इसमें 55.9 प्रतिशत बच्चों ने पिछले 12 महीनों में मांसपेशियों, हड्डियों या जोड़ों में दर्द की शिकायत की। वहीं, 41.6 प्रतिशत बच्चों ने सर्वे से पहले के 10 दिनों में दर्द होने की बात कही। अध्ययन में स्कूल बैग का औसत वजन बच्चों के शरीर के वजन का 16.5 प्रतिशत पाया गया।