29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री भूपेश को राजनीतिक रणनीति बनाने का जिम्मा

उदयपुर के चिंतन शिविर में मंथन करने टीम का गठनमंत्री सिंहदेव कृषि और विकास उपाध्याय संगठन की मजबूती पर करेंगे मंथन
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

VIKAS MISHRA

•

Updated: 14 May 2022, 6:51 AM IST

चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री भूपेश को राजनीतिक रणनीति बनाने का जिम्मा

चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री भूपेश को राजनीतिक रणनीति बनाने का जिम्मा

रायपुर. उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर में मंथन का दौर शुरू हो गया है। देशभर में पहुंचे एआईसीसी के करीब 400 पदाधिकारियों को छह अलग-अलग टीम में बांटकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। शिविर के उद्घाटन सत्र में प्रथम पंक्ति में बैठे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजनीतिक रणनीति बनाने वाली टीम में शामिल हुए हैं। वहीं प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव को कृषि और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय को संगठन की मजबूती वाली टीम में रखा गया है। अब यह टीम अलग-अलग ग्रुपों में बांटकर चर्चा करेगी और बातचीत के निचोड़ को रखेगी। इसके आधार पर ही कांग्रेस आगे की रणनीति तैयार करेगी।
आने वाले समय में तीन से चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके बाद वर्ष 2024 में लोकसभा का चुनाव भी होना है। सारी कवायद चुनाव जीतने, संगठन को मजबूत बनाने और आम जनता को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने के लिए हो रही है। छह अलग-अलग टीम में राजनीतिक टीम सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यही वजह है कि इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को स्थान दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सीधे हमला करने वाले नेताओं में उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है। वहीं छत्तीसगढ़ का मॉडल की चर्चा देशभर में हो रही है। वहीं मंत्री टीएस सिंह देव कृषि के लिए गठित प्रमुख टीम का हिस्सा शुरू से रहे हैं। कृषि में सुधार और अन्य विषयों पर यह टीम काम करेगी। वहीं राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय को संगठन की मजबूती वाली टीम में रखा गया। इसमें उन्होंने बूथ सरंचना पर जोर दिया है। राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी मुख्यमंत्री के साथ राजनीतिक टीम का हिस्सा है। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और मंत्री ताम्रध्वज साहू को भी अलग टीम में शामिल किया गया है।
छह विषयों पर होगी चर्चा
राजनीति, संगठन, अर्थव्यवस्था, सामाजिक कल्याण, युवा और कृषि।