
कृषि एवं जल संसाधन मंत्री का विवादित बयान- भाजपा के राम मॉब लिंचिंग और चंदा बटोरने वाले राम हैं
रायपुर. कल से ही विधासभा के विशेष सत्र में छत्तीसगढ़ की सियासत गर्मायी हुई है। कांग्रेस और भाजपा में गांधी जी को लेकर भी बहस हुई। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सावरकर को लेकर की गई टिप्पणी पर हंगामा हुआ था।
भाजपा विधायकों ने उनके बयान को विलोपित करने की मांग की तो वहीं, सीएम ने शब्द वापस लेने से इंकार कर दिया। भारी शोरगुल के बीच बीजेपी सदस्यों ने सदन का बहिर्गमन कर सदन के बाहर वीर सावरकर के समर्थन में नारे लगाते हुए गांधी प्रतिमा के सामने धरना दिया था।
वहीं भाजपा विधायक अजय चंद्राकर द्वारा महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को 'जी' कहकर संबोधित करने के कारण विवादों के घेरे में आ गए हैं। इस पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि यह मृत व्यक्ति को सम्मान देने का उनका अपना तरीका है। कांग्रेस ने उनके इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई थी।
मंत्री रविंद्र चौबे का विवादित बयान
छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के तीसरे दिन कृषि और जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे के बयान पर जमकर हंगामा हुआ। राम को लेकर उन्होंने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। विधानसभा में उन्होंने कहा कि हमारे राम शबरी के राम हैं, निषाद के राम हैं, वनवासी के राम हैं।
लेकिन बीजेपी के राम मॉब लिंचिंग वाले राम हैं। बीजेपी के राम चंदा बटोरने वाले राम हैं। देश की संस्कृति में राम लीला रची बसी है। इसी लिए कांग्रेस रामलीला करवा रही है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र का दूसरा दिन हंगामे के साथ शुरु हुआ। दूसरा दिन इस बात से शुरु हुआ था कि बापू किसके हैं। वहीं तीसरा दिन इस विवाद से शुरु हुआ कि आखिर राम किसके हैं।
Published on:
4 Oct 2019, 4:16 PM IST
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