
राम के ननिहाल में माता कौशल्या अब बसेंगी महिलाओं के आंचल में
रायपुर. अयोध्या के राजा श्री राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में हथकरघा में नवाचार किया गया है। रायपुर जिले के चंदखुरी स्थित माता कौशल्या के प्राचीन मंदिर की मनमोहक बनावट एवं वास्तुशिल्प को अब बुनकरों ने साडिय़ों के आंचल और वस्त्रों में डिजाइन के रूप में बुना है। कोरोना वायरस काल में बुनकरों के इस नवाचार को हथकरघा विभाग ने कौशल्या कलेक्शन के नाम से लॉन्च किया है।
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बता दें कि कौशल्या कलेक्शन के लिए कौशल्या मंदिर चंदखुरी की दीवारों में उकेरी गई वास्तुकला से डिजाइन ली गई है। मंदिर के मुख्यद्वार से लेकर अंदर की दीवारों की सजावट की डिजाइन का रेखाचित्र बनाकर बुनकर समितियों को दिया गया था। समितियों से जुड़े बुनकर इन डिजाइनों को रंग-बिरंगे रेशमी धागों से साडिय़ों एवं वस्त्रों पर बुना है।
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ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार के मुताबिक छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी योजना राम वन गमन पथ को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दी जा रही है। ग्रामोद्योग विभाग की प्रमुख सचिव डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी ने बताया कि राम वन गमन पथ में शामिल सभी पर्यटन स्थलों पर कौशल्या कलेक्शन के वस्त्रों का स्टॉल लगाकर प्रदर्शनी सह विक्रय किया जाएगा। ग्रामोद्योग संचालक सुधाकर खलखो ने बताया कि कौशल्या कलेक्शन की साडिय़ां और वस्त्रों की पूरी शृंखला बिलासा एंपोरियम के साथ ऑनलाइन भी बिक्री के लिए उपलब्ध है।
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Published on:
10 Sep 2020, 11:29 PM IST
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