कुछ देर बाद राजा ने घर का दरवाजा भीतर से बंद कर दिया और खुद पर आग लगा लिया। इसकी सूचना मिलने पर खमतराई थाने के सिपाही विकास सिंह और हेमंत गिलहरे पहुंचे। राजा को बचाने के लिए मकान के भीतर गए। उसी समय घरेलू गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हुआ। पूरे कमरे में आग फैलते हुए गली तक फैल गई। इससे दरवाजे के पास मौजूद दोनों सिपाही, पड़ोसी चेतन, विक्रम और मकान मालिक प्रशांत बेहरा की बालिका भी झुलस गई।