
खूंखार नक्सली बटालियन पर वार करने सीआरपीएफ चलाएगी अभियान 'लक्ष्य'
नई दिल्ली/रायपुर. छत्तीसगढ़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) नक्सलियों की सक्रियता वाले क्षेत्र दक्षिणी बस्तर में अभियान 'लक्ष्य' को तेज करने की तैयारी में है। अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि सीआरपीएफ छत्तीसगढ़ में माओवादियों से मुकाबला करने वाली प्राथमिक इकाई है। उसने बीजापुर और सुकमा जिलों के दूरदराज और घने जंगलों में माओवादियों के खिलाफ 'लक्ष्य' अभियान शुरू किया है।
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दो जवानों की मौत के बाद अभियान तेज करने लिया गया निर्णय
सीआरपीएफ के महानिदेशक एपी माहेश्वरी ने बुधवार को छत्तीसगढ़ का दौरा करने के बाद अभियान की समीक्षा की। इस सप्ताह के शुरू में एक अभियान में बल की प्रतिष्ठित जंगल युद्ध इकाई कोबरा के दो कमांडो की मौत हो गई थी। इसी के बाद माहेश्वरी का यह दौरा हुआ। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि माहेश्वरी ने राज्य के अधिकारियों के साथ समन्वय में अभियान को तेज करने को कहा।
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खूंखार नक्सली बटालियन पर होगा वार
उन्होंने कहा कि बल प्रमुख ने राज्य में मौजूद कोबरा और सीआरपीएफ की अन्य इकाइयों से नक्सल गढ़ों में घुसने और नक्सलियों को समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन यह भी सुनिश्चित करने कहा कि इसमें लोगों को किसी भी तरह की क्षति नहीं पहुंचे। बल राज्य पुलिस के साथ मिलकर माओवादियों की खूंखार बटालियन पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) पर भी कार्रवाई की योजना बना रहा है। यह दक्षिण बस्तर क्षेत्र के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की सीमा से लगते कई राज्यों में सक्रिय है। बल प्रमुख ने बस्तर में क्षेत्र कमांडरों से मुलाकात की और बुधवार को सीआरपीएफ शिविर में एक रात भी बिताई।
Updated on:
13 Feb 2020, 11:53 PM IST
Published on:
13 Feb 2020, 11:50 PM IST
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