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Raipur: मोतियाबिंद ऑपरेशन से पहले ही डॉक्टरों ने मरीजों से मांगा पैसा, नहीं देने पर कर दिया यह कांड…देखिए

Raipur News: रायपुर पचपेड़ी नाका स्थित गणेश विनायक आई अस्पताल में बुधवार को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए महासमुंद से आए 9 मरीजों की सर्जरी नहीं की गई। दरअसल, मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों ने अच्छे लेंस लगाने का हवाला देकर प्रति मरीज 6 से 7 हजार रुपए की मांग की।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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Updated: 8 Feb 2024, 9:18 AM IST

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Chhattisgarh News: रायपुर पचपेड़ी नाका स्थित गणेश विनायक आई अस्पताल में बुधवार को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए महासमुंद से आए 9 मरीजों की सर्जरी नहीं की गई। दरअसल, मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों ने अच्छे लेंस लगाने का हवाला देकर प्रति मरीज 6 से 7 हजार रुपए की मांग की। पैसे नहीं देने पर सभी को ओटी से वापस भेज दिया गया। इसके बाद मरीजों को पास ही अरविंदो आई अस्पताल में भर्ती किया गया है। सभी मरीजों का ऑपरेशन गुरुवार को किया जाएगा।

जिन जिलों व अस्पतालों में मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं होता, वहां कलेक्टर प्राइवेट अस्पतालों से एमओयू किया है। महासमुंद के तुमगांव सीएचसी अंतर्गत आने वाले मरीजों काे ऑपरेशन के लिए गणेश विनायक आई अस्पताल लाया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन के लिए 7 फरवरी की तारीख भी दी थी। नेत्र सहायक भानुप्रताप ध्रुव सभी मरीजों को लेकर राजधानी के निजी अस्पताल में पहुंचे। इसके बाद वे चले गए। बाद में मरीजों ने उन्हें फोन कर बताया कि अस्पताल के स्टाफ ने शाम 4-5 बजे के आसपास ऑपरेशन करने के लिए मरीजों को ओटी में ले गए। वहां सस्ते लेंस को खराब होता है, बताया गया। इसके बाद अच्छे लेंस लगाने के लिए 6 से 7 हजार रुपए की मांग की गई। मरीजों ने पैसे देने से इंकार किया तो सभी का ऑपरेशन नहीं किया और अस्पताल से चले जाने को कहा। मामला महासमुंद के स्वास्थ्य अधिकारियों के पास पहुंची। इसके बाद को-आर्डिनेट कर सभी मरीजों को पास के अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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पहले भी हुई है पैसे मांगने की शिकायत

नेत्र सहायक ध्रुव का कहना है कि पहले भी गणेश विनायक द्वारा मरीजों से पैसे मांगने की शिकायत आई है। प्रति लेंस 6 से 7 हजार रुपए मांगा जाता है। पत्रिका की पड़ताल में पता चला है कि गणेश विनायक व अरविंदो आई अस्पताल दोनों ही शासन से अनुबंधित है। अस्पताल को प्रति केस शासन की ओर 2 हजार रुपए दिया जाता है। इसमें लेंस से लेकर चश्मे, दवा व आने-जाने का खर्च शामिल है। इसके बाद भी अस्पताल वाले मरीजों से पैसे की मांग कर रहे थे।

संचालकों ने कहा मामले की नहीं है जानकारी

पत्रिका ने सबसे पहले गणेश विनायक के डॉक्टर व डायरेक्टर डॉ. अनिल गुप्ता से बात की तो उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही। उन्होंने डॉ. चारूदत्त करमकर से बात करने को कहा। जब डॉ. चारूदत्त से बात की गई तो उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए डॉ. अनिल गुप्ता से बात करने को कहा। जब उन्हें बताया गया कि डॉ. गुप्ता ने उनसे बात करने को कहा है, तो कुछ नहीं बोले।

इन मरीजों का होना है ऑपरेशन

- पटेवा के सूरीत व फेकन यादव
- जोगीडीपा से हिरमत ध्रुव
- कोकड़ी से घासन बाई व राजकुमारी
- ठुमसा से रेवाशंकर कुंभकार
- बोड़रा से बेनीराम ध्रुव, चेतन ध्रुव व फुंलकुंवर ध्रुव

गणेश विनायक अस्पताल के साथ शासन का अनुबंध है। इसलिए वे मरीजों से पैसे की मांग नहीं कर सकते। मामले में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. निधि ग्वालारे, स्टेट नोडल अफसर अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम

गणेश विनायक अस्पताल से वापस भेजे गए 9 मरीजों को भर्ती किया गया है। गुरुवार को सभी मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाएगा। - तकदीर जैन, मैनेजर अरविंदो अस्पताल

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