जिन जिलों व अस्पतालों में मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं होता, वहां कलेक्टर प्राइवेट अस्पतालों से एमओयू किया है। महासमुंद के तुमगांव सीएचसी अंतर्गत आने वाले मरीजों काे ऑपरेशन के लिए गणेश विनायक आई अस्पताल लाया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन के लिए 7 फरवरी की तारीख भी दी थी। नेत्र सहायक भानुप्रताप ध्रुव सभी मरीजों को लेकर राजधानी के निजी अस्पताल में पहुंचे। इसके बाद वे चले गए। बाद में मरीजों ने उन्हें फोन कर बताया कि अस्पताल के स्टाफ ने शाम 4-5 बजे के आसपास ऑपरेशन करने के लिए मरीजों को ओटी में ले गए। वहां सस्ते लेंस को खराब होता है, बताया गया। इसके बाद अच्छे लेंस लगाने के लिए 6 से 7 हजार रुपए की मांग की गई। मरीजों ने पैसे देने से इंकार किया तो सभी का ऑपरेशन नहीं किया और अस्पताल से चले जाने को कहा। मामला महासमुंद के स्वास्थ्य अधिकारियों के पास पहुंची। इसके बाद को-आर्डिनेट कर सभी मरीजों को पास के अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।