
पीजी स्टडी के लिए अवकाश बढ़कर 3 साल हुआ (Photo source- Patrika)
CG News: डॉक्टरों को इंटरनेशनल कांफ्रेंस में जाने के लिए 50 हजार व नेशनल कांफ्रेंस के लिए 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। यह भी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। हालांकि कई डॉक्टरों ने इसे नाकाफी बताया है। उनका कहना है कि जितनी राशि दी जाएगी, वह हवाई जहाज के टिकट में खत्म हो जाएगी। विवि ने भी कहा है कि बाकी खर्च डॉक्टरों को अपनी जेब से करना होगा।
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों यानी फैकल्टी को नेशनल व इंटरनेशनल कांफ्रेंस में जाने की सुविधा मिलती है। पं. दीनदयाल उपाध्याय हैल्थ साइंस एंड आयुष विवि ने कांफ्रेंस को लेकर नया सर्कुलर जारी किया है। एक वित्तीय वर्ष में किसी भी कॉलेज के 20 फीसदी डॉक्टरों को ही कांफ्रेंस में जाने के लिए फंड उपलब्ध कराया जाएगा। यही नहीं एक साल में 10 नेशनल व 5 इंटरनेशल कांफ्रेंस की अनुमति दी जाएगी।
दरअसल कांफ्रेंस में डॉक्टर अपने जटिल केस को पेश करते हैं। इसके लिए उनके पास नेशनल व इंटरनेशल कांफ्रेंस का मौका होता है। कांफ्रेंस के अलावा सेमिनार, वर्कशॉप, सिंपोजियम, फेलोशिप, रिसर्च कार्य व ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी।
Updated on:
09 Aug 2025 10:07 am
Published on:
09 Aug 2025 10:07 am
