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बेटे के मौत के अगले दिन से ही इस पिता ने शुरू किया ये बड़ा काम, पढ़कर हर कोई करेगा सलाम

उम्र के इस पड़ाव में अपने गमों को भूलाकर
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रायपुर

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Chandu Nirmalkar

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Updated: 20 Apr 2018, 8:25 PM IST

CG News

चंदू निर्मलकर@रायपुर. नशा करने से केवल शरीर ही खत्म नहीं होता, बल्कि पूरा परिवार ही तबाह हो जाता है। ये दर्द है हीरापुर में रहने वाले 65 वर्षीय सरदार सुखदेव सिंह की, जो उम्र के इस पड़ाव में अपने गमों को भूलाकर युवाओं को नशे की लत से बचाने उन्हें जागरूक करने का काम कर रहा है। इसके अलावा आज पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी इन्हीं के कंधों पर आ गई है। नशे के खिलाफ उनकी इस मुहिम में टाटीबंध सामज सेवा भी साथ दे रहा है। इसके अलावा टाटीबंध, हीरापुर गुरुद्वारा कमेटी सहित अन्य सामाजिक संगठन भी अब आगे आकर उनकी इस मुहिम का हिस्सा बन रहे हैं।

बुजुर्ग पिता संभाल रहे बेटे के परिवार की भी जिम्मेदारी
हीरापुर निवासी आेंकार सिंह को नशे की लत एेसी लगी कि उसकी एक सप्ताह में नशे के बाद मौत के आगेश में समा गया। पिता सुखदेव सिंह ने बताया कि टाटीबंध इलाके में नशे का कारोबार बेखौफ चल रहा है। जिसकी वजह से युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। मेरे बेटा भी इसी का शिकार हुआ। महज एक हफ्ते में उसकी मौत हो गई। उसकी मौत से पूरा परिवार तबाह हो गया। मृतक ओमकार सिंह के दो मासूम बच्चे १ बेटा ६ साल और 5 साल की बेटी है। अचानक मौत के बाद से पूरे परिवार का बोझ मेरे उपर आ गया है। सरदार सुखदेव सिंह के परिवार में बड़ा बेटा भी जिनका दिमागी हालत खराब है।

मातम में आए समाज के लोगों ने दिया सहयोग
ब्राउस सुरग सहित दूसरे नशीली पदार्थों की वजह से अपने बेटे को गंवाने के बाद बुजुर्ग पिता सुखदेव सिंह ने बेटे आेंकार सिंह की मौत के अगले दिन से ही नशे के खिलाफ अभियान छेड़ दिया। मातम में आए लोगों की बातें सुनकर उन्होंने फैसला कर लिया कि अब वे अपने बेटे जैसी हालत किसी की नहीं होने देंगे। इसके लिए उन्होंने बेटे के मौत के दूसरे दिन से ही समाज के लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया। समाज के लोगों ने साथ दिया और मौत के हफ्तेभर बाद नशे के खिलाफ एसपी अमरेश मिश्रा से मिलने पहुंच गए।

घूम-घूमकर युवाओं को कर रहे जागरूक
टाटीबंध की गलियों और सड़कों पर नशे के खिलाफ घूम-घूम कर सुखदेव सिंह लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे ये सोचकर लोगों को जागरूक कर रहे कि आज उनके साथ जो हुआ वो किसी और के साथ ना हो। उन्हें पता है कि जब एक परिवार का जवान बेटा नशे की लत से मौत हो जाती है तो परिवार पर क्या गुजरती है। एेसे परिवारों की मदद करने हर दिन टाटीबंध, हीरापुर के हर गली और सड़कों में घूम-घूम कर लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं।

बेटी की शादी से पहले नशे ने ले ली पिता की जान
नशे की लत की वजह से एक और पिता की मौत बेटी की शादी होने से पहले हो गई। मृतक जगमोहन सिंह का परिवार संपन्न था। लेकिन पिता की एक गलती से जगमोहन सिंह की मौत से परिवार वालों को हौसला टूट गया। सरदार सूखदेव सिंह ने बताया कि हाल ही में अप्रैल में बेटी की शादी होने वाली थी। नशे की लत ने परिवार की खुशी को छीन लिया।

समाजसेवा संगठन ने बुजुर्ग पिता के अभियान का दिया साथ
नशे के खिलाफ सरदार सुखदेव सिंह के इस मुहिम में समाज सेवा संगठन साथ दे रहा है। टाटीबंध समाज सेवा संगठन के सदस्य गुरजंट सिंह भामरा ने बताया नशे के खिलाफ उनकी इस मुहिम में हमारा संगठन लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है। इसके अलावा नशे के कारण जिन परिवारों की खुशियां छीन ली है। हम एेसे बेबस लोगों के बीच पहुंच कर उनकी आर्थिक मदद कर रहे हैं।