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आधी रात को खत्म हुई नर्सों की हड़ताल, सरकार ने कल तक काम पर लौटने का दिया था अल्टीमेटम

नौ सूत्रीय मांगों को लेकर पखवाड़ेभर से आंदोलनरत नर्सों ने शनिवार आधी रात को अपनी हड़ताल खत्म कर दी।
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रायपुर

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Deepak Sahu

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Updated: 3 Jun 2018, 9:22 AM IST

chhattisgarh nurse strike

नौ सूत्रीय मांगों को लेकर पखवाड़ेभर से आंदोलनरत नर्सों ने शनिवार आधी रात को अपनी हड़ताल खत्म कर दी। नर्सेंस संघ की रीना राजपूत ने बताया कि प्रशासन के साथ उनके तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद हड़ताल खत्म करने का फैसला किया गया।

रायपुर . नौ सूत्रीय मांगों को लेकर पखवाड़ेभर से आंदोलनरत नर्सों ने शनिवार आधी रात को अपनी हड़ताल खत्म कर दी। नर्सेंस संघ की रीना राजपूत ने बताया कि प्रशासन के साथ उनके तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद हड़ताल खत्म करने का फैसला किया गया। वहीं, स्वास्थ्य संचालक रानू साहू ने कहा कि सभी नर्सें काम पर लौटने को तैयार हो गई हैं। इसके बाद प्रशासन ने भी देर रात बताया कि नर्सों को सोमवार को ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश जारी किया गया है। इससे पहले, देरशाम को राज्य सरकार ने हड़ताली नर्सों को काम पर लौटने के लिए 4 जून तक मोहलत दी थी। सरकार ने कहा था कि अगर वे दी गई मोहतल तक अस्पतालों में ड्यूटी पर नहीं लौटेंगी, तो उनकी सेवाएं जनहित में समाप्त कर दी जाएंगी।

प्रशासन के साथ बैठक में संघ की प्रांताध्यक्ष देवाश्री साव, रुकमणिधर दीवान और नीलिमा शर्मा शामिल हुईं। छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ ने सभी साथी नर्सों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई को नि:शर्त समाप्त करने की मांग की है। हालांकि, नर्सेस संघ का आरोप है कि उनकी हड़ताल को राजनीतिक दबाव बनाकर खत्म किया गया है।

आंदोलनरत नर्सों पर सरकार ने एसेंशियल सर्विस मेंटेनेंस एक्ट (एस्मा) के तहत की गई कार्रवाई की थी। प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 883 नर्सों को गिरफ्तार किया था। इन नर्सों ने शनिवार को सेंट्रल जेल रायपुर में अपना आंदोलन जारी रखा था। जेल में 10 नर्सें भूख हड़ताल पर रही थीं। आलम एेसा था कि बैरकों में बंद 280 नर्सों ने विरोध-प्रदर्शन जारी रखा था। उपवास की वजह से बिलासपुर से आई एक नर्स की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई थी। इनके अतिरिक्त गिरफ्तार की गई अन्य 500 से अधिक नर्सों ने महिला प्रकोष्ठ के बाहर ही डेरा डाल दिया था। उनके छोटे-छोटे बच्चे और परिजन भी दिनभर जेल की जालियों से एक-दूसरे को निहारते रहे।

गिरफ्तार की गईं शीर्ष पदाधिकारियों से शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे रायपुर कलक्टर ओ.पी. चौधरी ने वार्ता से मामले को सुलझाने की कोशिश की थी। कलक्टर की ओर से शासन के निर्देशानुसार समिति गठित कर 45 दिनों के भीतर मामले के निराकरण का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजने की बात की गई थी। इस पर लिखित आश्वासन के अभाव में नर्सें कार्य पर वापस जाने को तैयार नहीं हुई थीं।

स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक रानू साहू ने बताया कि पखवाड़ेभर से चली आ रही नर्सों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आधी रात खत्म हो गई। सभी नर्सेस काम पर लौटने को तैयार हो गई हैं। प्रशासनिक आदेश के बाद नर्सों से जेल से रिहा करने कहा गया है। सोमवार से सभी नर्सें समय पर ड्यूटी पर उपस्थित होंगी।