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जबलपुर. नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में चल रही नर्सों की हड़ताल पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब-तलब किया है। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जहां सरकार को नोटिस जारी किए वहीं सरकार ने सफाई देते हुए कहा कि हड़ताल से मरीज परेशान न हों इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी।
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने दायर की याचिका
नर्सों की हड़ताल पर मप्र हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर की गई है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने हड़ताल को असंवैधानिक बताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। हड़ताल से चिकित्सा सेवाएं ठप होने व मरीजों की परेशानी का याचिका में उल्लेख है। मंच के अध्यक्ष डॉ पीजी नाजपांडे ने याचिका दायर करते हुए इसमें कहा है कि २०१६ में भी नर्सों ने हड़ताल कर दी थी। इसके खिलाफ उनकी याचिका पर सरकार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। सरकार के जवाब के मद्दंेनजर याचिका वापस ली गई थी। लेकिन हाईकोर्ट ने उन्हें छूट दी थी कि दोबारा हड़ताल की सूरत में पुन: याचिका दायर कर सकते हैं। याचिका में कहा गया है कि उक्त हड़ताल को डेढ़ साल बीत चुके हैं। लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते फिर हड़ताल शुरू कर दी गई। नर्सों के साथ अन्य कर्मचारी संगठन भी २२ जनवरी को सामूहिक अवकाश लेने जा रहे हैं। हड़ताल के चलते मरीजों व उनके परिजना बेहाल हैं। कोर्ट से आग्रह किया गया है कि हड़ताल पर रोक लगाने के साथ ही २२ जनवरी के सामूहिक अवकाश को भी रोका जाए। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को निर्धारित की गई है।
मेडिकल में करीब ४० रूटीन सर्जरी टली
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नर्सो की हड़ताल से मरीज बेहाल हो गए है। चार दिन से जारी हड़ताल के कारण अब तक लगभग ४० मरीजों की रूटीन सर्जरी टल चुकी है। वार्डों की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं। एसोसिएशन अध्यक्ष सुनीला ईशादीन का कहना है कि सातवें वेतनमान की जो मांग है, उसे नहीं माने जाने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि वार्डों में प्रशिक्षु नर्सिंग छात्राओं की ड्यूटी लगाई गई है, जो कि वार्ड में कार्य कर रही हैं। अस्पताल अधीक्षक डॉ.राजेश तिवारी का कहना है कि इमरजेंसी सुविधाएं बाधित नहीं हुई हैं। प्रशिक्षु छात्राओं को वार्ड में नियुक्त किया गया है।
Published on:
19 Jan 2018, 1:53 PM IST
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