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मॉडल ईवीएम-वीवीपेट मशीनों से एग्जिट पोल?

छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने कहा कि मतदाता जागरुकता के लिए उपयोग में लाई जाने वाली मॉडल ईवीएम-वीवीपेट से ऐसा संभव ही नहीं है।
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रायपुर

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Anupam Rajiv Rajvaidya

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Updated: 18 Sep 2018, 9:11 PM IST

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मॉडल ईवीएम-वीवीपेट मशीनों से एग्जिट पोल?

रायपुर. छत्तीसगढ़ के सरगुजा और कोरिया जिले में मॉडल ईवीएम और वीवीपेट मशीनों से एग्जिट पोल संबंधी शिकायत पर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने कहा कि ऐसा संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि मतदाता जागरुकता के लिए उपयोग में लाई जाने वाली सभी मशीनें केवल मतदाता जागरुकता के लिए है। इनमें डमी प्रत्याशी के नाम का उपयोग किया जाता है, न कि वास्तविक प्रत्याशी अथवा राजनीतिक दल का नाम। अत: यह भ्रम है कि ऐसी मशीनों से एग्जिट पोल किया जा सकता है।

कलेक्टरों से रिपोर्ट तलब
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बताया कि प्रशिक्षण और मतदान के लिए उपयोग में लाई जाने वाली मशीनों की सीरीज भी अलग है। इस कार्य में उपयोग में लाई जाने वाली मशीन राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की मौजूदगी में ही एफएलसी (फस्र्ट लेवल चेकिंग) के बाद ही उपयोग में लाई जा सकती है। उन्होंने सरगुजा और कोरिया जिलों से प्राप्त शिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर दोनों जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों से रिपोर्ट ली।

ईवीएम को घर में रखने की शिकायत
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि किसी भी प्रशिक्षक द्वारा ईवीएम-वीवीपेट मशीन को अपने घर में नहीं रखा जा रहा है। प्रदर्शन के बाद मशीन तहसील कार्यालय के भंडार कक्ष अथवा कोषालय में रखी जा रही है। मशीन के प्रदर्शन के पहले और उसके बाद ऐसी मशीनों के परिवहन का लॉगबुक भी मेनटेन किया जा रहा है। उन्होंने किसी भी प्रकार की ईवीएम-वीवीपेट मशीनों की जब्ती पुलिस द्वारा नहीं की गई है। शिकायत में जिस घटना का उल्लेख किया गया था, वह लगभग एक सप्ताह पुरानी थी। शिकायत आज मिली और जांच के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो गई।

1348 मशीनों का उपयोग प्रदर्शन में
मतदाता जागरुकता के लिए जितनी मशीनों का प्रदर्शन हेतु उपयोग किया जा रहा है, उनकी संख्या १348 है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 23632 मतदान केंद्रों में से अब तक 12300 मतदान केंद्रों में मशीनों का प्रदर्शन किया जा चुका है। लगभग 15 लाख लोग गांवों और शहरों में इसे देख चुके हैं।

ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहीं
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी साहू ने उन स्थितियों को भी पूरी पारदर्शिता के साथ स्पष्ट किया है कि जिन मशीनों का उपयोग वर्तमान में प्रदर्शन के लिए किया जा रहा है, ऐसी सभी मशीनों के लिए प्रत्येक जिलों में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के मार्गदर्शन में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित कराई गई है। यही नहीं, जिन स्थानों पर प्रदर्शन कराया जाना है या प्रदर्शन हो रहे है, उसके लिए पूर्व से कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप ही यह प्रदर्शन प्रशिक्षित अधिकारियों और कर्मचारियों के माध्यम से कराए जाते हैं। इसलिए यह प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता कि ऐसी मशीनों से कोई छेड़छाड़ की जा सके।