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रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानी: दोगुना किराया के बाद अब बैग सैनिटाइज के नाम पर एक यात्री से वसूल रहा इतने रुपए

- रेलवे यात्रियों की हर तरफ जेब काटने का जैसे तरीका अपना लिया हो- सुविधा के लिहाज से रेलवे ने तय किया 10 रुपए, जांच भी स्वैच्छिक
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 18 Feb 2021, 1:25 PM IST

रायपुर. कोरोना संकट के दौर में हर कोई आर्थिक रूप से परेशान है। इसके बावजूद ऐसे समय में रेलवे (Indian Railway) यात्रियों की हर तरफ जेब काटने का ही जैसे तरीका अपना लिया हो। पहली बात तो यह कि स्पेशल के रूप में चल रही ट्रेनों में दोगुना किराया यात्रियों को देना पड़ा रहा है।

वहीं स्टेशन पहुंचने पर बैग सैेनिटाइज (Bag Sanitization) करने के नाम पर एक यात्री को 30 से 40 रुपए तक चपत लग रही है। जबकि सुविधा के लिहाज से 10 रुपए शुल्क रेलवे ने तय किया हुआ था कि यात्री स्वेच्छा से सेनिटाइज करा सकते हैं, परंतु अब जोर-जबरदस्ती का तरीका खुलेआम अपना लिया गया है। स्टेशन में स्थिति यह है कि यात्रियों पर दबाव बनाकर टिफिन और पानी वाले झोले तक का सैनिटाइज के नाम पर 10-10 रुपए लिया जा रहा है।

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स्टेशन में इस तरह के खेल इस तरह समझे कि यदि कोई यात्री रायपुर से दुर्ग जाता है तो 10 रुपए की जगह उसे 30 रुपए स्पेशल लोकल ट्रेनें में किराया लग रहा है। ऊपर से यदि पास यदि एक बड़ा और दो छोटा झोला है तो उस यात्री से बैग सैनिटाइज कराने के नाम पर 30 रुपए और यदि किसी यात्री के पास दो बड़े और दो सामान्य झोला होता तो फिर 40 रुपए की चपत लग जाती है।

ऐसे में लोकल से लेकर स्पेशल मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के यात्री हैरान है, जो रायपुर स्टेशन से सफर करने पहुंचते हैं। मुख्य गेट पर प्रवेश करते ही हुए उन्हें प्लेटफार्म की तरफ तब तक नहीं बढ़ने दिया जाता है, जब तक कि वे सभी छोटे-बड़े बैग-झोले का सैनिटाइज नहीं कराते। इसके लिए उन्हें मजबूर किया जाता है। हद तो यह है कि स्टेशन प्रबंधन इस तरह के तरीके पर रोक लगाने में रुचि नहीं दिखा रहा है न ही निगरानी का कोई सिस्टम बनाया है। इसी का फायदा निजी ठेका कंपनी उठा रही है।

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यात्री संख्या बढ़ने पर खुलेआम उठा रहे फायदा
रायपुर स्टेशन से इस समय दो दर्जन से अधिक स्पेशल मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें आना-जाना कर रही हैं। इसके साथ ही 12 लोकल स्पेशल भी चल रही है। इस वजह से स्टेशन में यात्रियों की आवाजाही बढ़ी है। इसी का फायदा रेलवे ने जिस एजेंसी को 10 रुपए में बैग सैनिटाइज कर उस पर पॉलीथिन का कवर लगाकर देने के लिए मुख्य यात्री प्रवेश द्वार में बैठाया था, उसी का फायदा खुलेआम उठाया जा रहा है, जिस पर स्टेशन प्रबंधन की कोई निगरानी नहीं है।

सेनिटाइज की सुविधा स्वैच्छिक
रेलवे सीनियर पब्लिसिटी इंस्पेक्टर शिव प्रसाद पंवार ने कहा, रेलवे प्रशासन ने इस मामले में साफ किया है कि मुख्य यात्री गेट पर बैग स्कैनर नि:शुल्क है, जो कि रेलवे सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है, परंतु बैग सैनिटाइज को लेकर एजेंसी यात्रियों के ऊपर दबाव नहीं बना सकती है। 10 रुपए शुल्क के साथ बैग सैनिटाइज की सुविधा यात्रियों के लिए स्वैच्छिक है। स्टेशन प्रबंधन से पूरी जानकारी ली जाएगी।