
करोड़ों के जमीन घोटाले में 4 आरोपी गिरफ्तार (photo source- Patrika)
विनोद जैन/Chhattisgarh Land Fraud: गोबरा नवापारा क्षेत्र में करोड़ों रुपये मूल्य की करीब 200 एकड़ जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने की सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ है। मामले में अभनपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोप है कि जमीन पर कब्जा करने के लिए फर्जी मुख्तियारनामा तैयार किया गया, जिसमें नकली फोटो, कूटरचित हस्ताक्षर और फर्जी अंगूठा निशानी का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला सुनियोजित षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया, जिसमें करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम कराने की कोशिश की गई।
जानकारी के मुताबिक मामला ग्राम थनौद, तहसील गोबरा नवापारा का है। यहां विभिन्न खसरों में दर्ज लगभग 200 एकड़ भूमि राजस्व रिकॉर्ड में केशव अवस्थी के नाम पर दर्ज है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने असली भूमि स्वामी की जगह दूसरे व्यक्ति को प्रस्तुत कर फर्जी पहचान तैयार की। इसके बाद नकली फोटो, फर्जी अंगूठा निशानी और कूटरचित हस्ताक्षरों के आधार पर मुख्तियारनामा बनवाया गया। इसी दस्तावेज के आधार पर जमीन का पंजीयन कराने और करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची गई।
जांच में यह भी सामने आया कि 19 अक्टूबर 2023 को जमीन का एक हिस्सा अब्दुल नईम के नाम पर पंजीकृत कराया गया था। इसके अगले ही दिन यानी 20 अक्टूबर 2023 को दूसरा हिस्सा मिर्जा परवेज के नाम दर्ज कराया गया। दोनों पंजीयन प्रक्रियाओं में फर्जी पहचान और कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल के साक्ष्य पुलिस को मिले हैं। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
प्रकरण की विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और मुख्तियारनामा तैयार करने में उपयोग किए गए दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान आधार कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पूरे फर्जीवाड़े की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने का दावा किया है।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद अभनपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 179/26 दर्ज कर कार्रवाई की। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 470, 471 और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में वसीम हुसैन (33 वर्ष), मोहम्मद खलील (28 वर्ष), अब्दुल नईम (53 वर्ष) और मिर्जा परवेज शामिल हैं। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
करीब 200 एकड़ जमीन से जुड़े इस मामले ने प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े स्तर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए पंजीयन होने से भूमि रिकॉर्ड और सत्यापन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते शिकायत और जांच नहीं होती, तो करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध कब्जा हो सकता था।
पुलिस अब इस पूरे मामले में यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और पंजीयन प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे। आशंका जताई जा रही है कि इस जमीन घोटाले में कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे भी बड़े खुलासे संभव हैं।
Published on:
04 Jun 2026 08:17 pm
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