Chhattisgarh High Court : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई व्यक्ति प्रेम में विफलता के कारण आत्महत्या कर लेता है तो उसकी प्रेमिका पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज नहीं किया जा सकता। जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू ने कहा कि यह वैसा ही है, जैसे कोई छात्र परीक्षा में खराब प्रदर्शन के कारण या कोई वादी मामला खारिज होने पर आत्महत्या करे तो संबंधित शिक्षक या वकील को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि दुर्बल मानसिकता वाले व्यक्ति के गलत फैसले के लिए किसी अन्य व्यक्ति को यह कहकर दोषी नहीं ठहराया जा सकता कि उसने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया।