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Fuel Smuggling Case: रायपुर में अवैध फ्यूल सिंडिकेट का बड़ा खुलासा! टैंकर, नकदी और तेल का बड़ा जखीरा बरामद

Raipur Petrol Diesel Racket: रायपुर के सोनडोंगरी इलाके में कबीर नगर पुलिस ने अवैध पेट्रोल-डीजल कारोबार का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई में 4 आरोपी गिरफ्तार हुए और 35.45 लाख रुपए का ईंधन, टैंकर, नकदी व उपकरण जब्त किए गए।
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रायपुर

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Laxmi Vishwakarma

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Updated: 9 Jun 2026, 1:30 PM IST

Fuel Smuggling Case

अवैध फ्यूल सिंडिकेट का बड़ा खुलासा (photo source- Patrika)

Fuel Smuggling Case: राजधानी रायपुर के कबीर नगर थाना क्षेत्र में चोरी के पेट्रोल-डीजल की खरीद-फरोख्त करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सोनडोंगरी इलाके में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में पेट्रोल-डीजल, डीजल से भरा टैंकर, नकदी और अवैध कारोबार में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक कुल जब्ती की कीमत करीब 35 लाख 45 हजार 770 रुपए आंकी गई है।

Fuel Smuggling Case: मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई

कबीर नगर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कान्हा ढाबा के पीछे स्थित ईपी रोलिंग मिल के पास, सोनडोंगरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेट्रोल और डीजल का अवैध भंडारण कर उसकी खरीद-फरोख्त की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और वहां चल रहे अवैध कारोबार का खुलासा किया। पुलिस की रेड के दौरान इलाके में मौजूद एक बाउंड्रीवाल से घिरे खाली प्लॉट में चार संदिग्ध लोग मिले। मौके की जांच करने पर वहां पेट्रोल और डीजल का बड़ा स्टॉक बरामद हुआ।

ड्रमों में रखा मिला हजारों लीटर ईंधन

जांच के दौरान पुलिस को प्लॉट में रखे 8 ड्रमों में करीब 1600 लीटर पेट्रोल और 3 ड्रमों में लगभग 500 लीटर डीजल मिला। इसके अलावा मौके से मोटर पंप, पाइप, टीन के बर्तन और हाफ-कटिंग ड्रम भी बरामद किए गए, जिनका उपयोग ईंधन निकालने और बेचने में किया जा रहा था। पुलिस को मौके पर एक टैंकर (CG07BA8727) भी खड़ा मिला। जब टैंकर की जांच की गई तो उसमें करीब 12 हजार लीटर डीजल भरा हुआ पाया गया। पुलिस ने तुरंत टैंकर को जब्त कर लिया।

पूछताछ में सामने आया अवैध कारोबार का तरीका

पुलिस पूछताछ में आरोपी ओमप्रकाश साव उर्फ कालिया ने बताया कि वह टैंकर चालकों और अन्य लोगों से पेट्रोल-डीजल खरीदकर अवैध रूप से उसकी बिक्री करता था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी रामजी यादव इंडियन ऑयल के लखौली डिपो से डीजल भरकर राजनांदगांव ले जाता था और रास्ते में कुछ मात्रा कालिया के यार्ड में बेच देता था।

पुलिस के अनुसार धर्मेंद्र साव और उमेश साव भी इस पूरे अवैध कारोबार में सक्रिय रूप से शामिल थे। शुरुआती जांच में यह मामला केवल चोरी के ईंधन की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं लग रहा है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क होने की आशंका जताई जा रही है।

35 लाख से ज्यादा की जब्ती

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2.20 लाख रुपए का पेट्रोल-डीजल, 1.30 लाख रुपए नकद और लगभग 31.94 लाख रुपए कीमत का डीजल से भरा टैंकर जब्त किया। इसके अलावा ईंधन कारोबार में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी कब्जे में लिए गए। पुलिस ने मौके से पेट्रोल और डीजल के नमूने भी एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए सीलबंद कर भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओमप्रकाश साव उर्फ कालिया निवासी रायपुर, उमेश साव निवासी बीरगांव, रामजी यादव निवासी दुर्ग और धर्मेंद्र साव निवासी भिलाई के रूप में हुई है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287 के तहत भी कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी की सूचना आरोपियों के परिजनों को दे दी गई है।

Fuel Smuggling Case: पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब इस अवैध ईंधन कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस टैंकर चालकों, सप्लायरों और खरीददारों के बीच बने नेटवर्क की जांच कर रही है। कबीर नगर पुलिस का कहना है कि अवैध पेट्रोल-डीजल कारोबार के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी ताकि इस तरह के अवैध नेटवर्क पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।