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छत्तीसगढ़ में ISI एजेंट मिलने के बाद इंटेलीजेंस की टीम एक्टिव, आम आदमी बनकर घूम रहे जासूस, किराएदारों की भी होगी चेकिंग

ISI Agent Case: इंटेलिजेंस टीम ने सभी जिलों में किराएदारों और संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन व जांच अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।
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ISI agent in Chhattisgarh

आम आदमी बनकर घूम रहे आतंकी जासूस (Photo AI)

ISI agent in Chhattisgarh: प्रदेश में कई विदेशी जासूस हैं, जो अलग-अलग तरीके से अपना काम कर रहे हैं। जांजगीर-चांपा में पाकिस्तानी आईएसआई समर्थित स्लीपर सेल का एजेंट मिलने के बाद प्रदेशभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। इंटेलीजेंस की टीमों ने खुफिया तौर पर जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पकड़े गए आरोपी के कॉल डिटेल के आधार पर प्रदेश भर में उसके मूवमेंट का पता लगाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि रायपुर में इससे पहले भी कई प्रतिबंधित और आतंकी संगठनों के नेटवर्क का खुलासा हो चुका है। इसमें पकड़े गए आरोपी किसी न किसी माध्यम से पाकिस्तान के लिए जासूसी का काम कर रहे थे।

क्या है मामला

21 जून को जांजगीर पुलिस ने पंजाब के तरनतारण निवासी सेवक सिंह (23) को पकड़ा। वह पाकिस्तान के आईएसआई के लिए काम करता था। उसके मोबाइल में वाट्सऐप चैटिंग, वीडियो कॉलिंग, कॉल रिकॉर्डिंग आदि सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।

कैसे काम करते हैं विदेशी जासूस

पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित अन्य देश के जासूस छत्तीसगढ़ के अलावा भारत के किसी भी देश में साधारण नागरिक बनकर रहते हैं। छोटे-मोटे काम करते हैं, ताकि कोई उन पर शक न करें। जानकारी जुटाते हैं। इसके बाद वाट्सऐप, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया आदि की मदद से ये जानकारियां पाकिस्तान या बांग्लादेश भेजते हैं।

बांग्लादेशी सबसे ज्यादा

सबसे ज्यादा बांग्लादेशी नागरिक रह रहे हैं। इनकी पहचान काफी मुश्किल है। ये छोटे काम-धंधे और कारीगरी कर रहे हैं। आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि दस्तावेज बनाकर रह रहे हैं। हालांकि इंटेलीजेंस की टीम कई बांग्लादेशियों की पहचान की है। उन्हें डिपोर्ट भी किया जा रहा है।

अब तक मिले आतंकी संगठन

नवंबर 2025 में छत्तीसगढ़ एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने रायपुर और भिलाई में ऑनलाइन 'आतंकी क्लासरूम' का भंडाफोड़ किया था। पाकिस्तान के हैंडलर्स द्वारा इंस्टाग्राम के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने प्रशिक्षित किया जा रहा था। इसके जरिए आईएसआईएस मॉड्यूल स्थापित करने की कोशिश की जा रही थी।

मई 2025 में इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर रायपुर से 3 बांग्लादेशियों को हिरासत में लिया गया था। इनके भी आतंकी संगठनों से जुड़े होने का लिंक मिला था।

अक्टूबर 2019 में बोधगया और पटना सीरियल ब्लास्ट मामले में फरार सिमी के मुख्य आरोपी (केमिकल अली) को रायपुर पुलिस ने हैदराबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था।

मई 2019 में देवेंद्रनगर में किराए के मकान में फरारी काट रहे बब्बर खालसा संगठन के आंतकी निर्मल सिंह उर्फ निम्मा को पंजाब पुलिस ने पकड़ा था।

नवंबर 2013 में रायपुर में स्टूडेंट ऑफ इस्लामिक मूवमेंट इंडिया (सिमी) के नेटवर्क का खुलासा हुआ। सिमी के छत्तीसगढ़ चीफ उमेर सिद्दीकी, एक नाबालिग सहित 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। भोपाल में एनकाउंटर में मारे गए आतंकी शेख मुजीब का रायपुर कनेक्शन रहा है।