
झीरम कांड पर कांग्रेस नेता का हमला (Photo Source- Patrika File Photo)
Jhiram Naxalite Attack: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में फैसले को लेकर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इसी बीच पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने झीरम कांड की जांच और दोषियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि घटना को 13-14 साल बीत जाने के बाद भी जांच एजेंसी मुख्य दोषियों तक नहीं पहुंच पाई है।
धनेंद्र साहू ने कहा कि यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यजनक है। उनका दावा है कि जिन लोगों को अपराधी घोषित किया गया है, वे वास्तविक अपराधी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सजा मिल रही है, उनमें नौकर-चाकर और कर्मचारी वर्ग के लोग शामिल हैं, जबकि जिन लोगों को मुख्य आरोपी या मोस्टवांटेड माना जाता है, उन तक जांच नहीं पहुंच पाई है।
धनेंद्र साहू ने कहा कि इतने साल बीत जाने के बाद भी अगर जांच एजेंसी वास्तविक हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि झीरम कांड में जिन लोगों ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमला किया था, उनके खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी है, लेकिन मुख्य दोषियों तक पहुंचना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि मामले में जिन लोगों को सजा दी जा रही है, उनके संबंध में भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और जांच का पूरा सच सामने आना चाहिए।
धनेंद्र साहू ने हल्दी बीज के वितरण में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों को मिलने वाले बीज की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में अमानक बीज की बिक्री हो रही है। सहकारी सेवा केंद्रों में भी खराब गुणवत्ता वाले बीज मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता का खाद और बीज उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। धनेंद्र साहू ने कहा कि अगर किसान को खराब बीज मिलता है तो इसका सीधा असर उसकी फसल और आमदनी पर पड़ता है। ऐसे में बीज की गुणवत्ता की जांच और वितरण व्यवस्था को लेकर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।
रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में चूहों की समस्या और उन्हें नियंत्रित करने के लिए खर्च की जा रही राशि को लेकर भी धनेंद्र साहू ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में चूहों से डॉक्टर, मरीज और अस्पताल का स्टाफ परेशान है। उन्होंने चूहों को नियंत्रित करने के लिए 25 लाख रुपये खर्च किए जाने के मामले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर कितने चूहे पकड़े या मारे गए और इस खर्च का हिसाब क्या है। धनेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि सरकार के अलग-अलग विभागों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने दवाइयों की खरीदी समेत अन्य मामलों का जिक्र करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा।
नगरीय निकाय चुनाव को लेकर धनेंद्र साहू ने राज्य सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित हुई है और कई जगहों पर विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि नहीं है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में लोगों के सामने महंगाई, बिजली, स्मार्ट मीटर, नालियों की समस्या और सफाई जैसे कई मुद्दे हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। धनेंद्र साहू ने दावा किया कि जनता इन मुद्दों को लेकर सरकार से सवाल पूछ रही है। उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों को कांग्रेस निकाय चुनाव में प्रमुखता से उठाएगी।
पीएम आवास योजना को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर भी धनेंद्र साहू ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि पीएम आवास के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान उपमुख्यमंत्री के बीच चर्चा हुई। उन्होंने सरकार पर आंकड़ों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविक स्थिति जनता के सामने आनी चाहिए।
धनेंद्र साहू ने कहा कि जो भी व्यक्ति योजना के लिए पात्र है, उसे पीएम आवास का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई लोगों को आवास निर्माण को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कुछ लोग कर्ज की स्थिति में पहुंच गए हैं। सरकार को इन समस्याओं को दूर करने की दिशा में काम करना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर भाजपा की ओर से सेवा संकल्प अभियान चलाए जाने की घोषणा को लेकर भी धनेंद्र साहू ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सेवा अभियान केवल फोटो खिंचाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने पेड़ लगाने और सफाई अभियान जैसे कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कार्यकर्ता सिर्फ झाड़ू लेकर फोटो खिंचाते हैं तो इससे आम लोगों की वास्तविक समस्याएं दूर नहीं होंगी। धनेंद्र साहू ने कहा कि महंगाई और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं को कम करना ही जनता के लिए सबसे बड़ी सेवा होगी। उन्होंने सरकार से जनता की समस्याओं पर काम करने की मांग की।
धनेंद्र साहू के बयान में झीरम कांड की जांच से लेकर किसानों को मिलने वाले बीज, आंबेडकर अस्पताल में चूहों की समस्या, पीएम आवास, निकाय चुनाव और भाजपा के सेवा संकल्प अभियान तक कई मुद्दे शामिल रहे। झीरम कांड को लेकर उनके बयान के बाद इस मामले की जांच और दोषियों तक पहुंचने को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज होने के संकेत हैं। वहीं, निकाय चुनाव और सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भी कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में नजर आ रही है।
Updated on:
16 Sept 2026 03:08 pm
Published on:
16 Sept 2026 03:07 pm
