
एनएमसी ने पात्रता के लिए नई गाइडलाइन जारी की (photo source- AI)
MBBS NRI Quota: प्रदेश के निजी कॉलेजों मे 15 फीसदी एनआरआई कोटे की सीटों के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार अब पालकों को ये साबित करना होगा कि छात्र एनआरआई है। इसके लिए उन्हें शपथपत्र देना होगा। प्रदेश के 5 निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई की कुल 163 सीटें हैं। प्रदेश में एनआरआई स्पांसरशिप का नियम है, जिसके तहत एडमिशन दिया जा रहा है। दो साल पहले इस पर काफी विवाद भी हुआ था, लेकिन हाईकोर्ट ने छात्रों के पक्ष में निर्णय दिया था।
एनएमसी ने नए सत्र 2026-27 के लिए एनआरआई कोटे को लेकर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के डब्ल्यूपी संख्या 13393 ऑफ 2007 और अन्य (2008) (अंशुल तोमर बनाम मध्य प्रदेश राज्य) में एनआरआई कोटा के तहत आरक्षित सीटों के लिए पात्रता मानदंड निर्धारित किए हैं। इसके तहत यदि छात्र के माता या पिता प्रवासी भारतीय हैं और सामान्यतः विदेश में रह रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में से कोई भी उचित मानी जाएगी।
यदि छात्र का प्रथम श्रेणी का रिश्तेदार प्रवासी भारतीय है और सामान्यतः विदेश में रहता है, तो ऐसी स्थिति में भी, इस वर्ष के लिए उसे पात्र माना जाना चाहिए। यह स्वाभाविक है कि इस परिभाषा में प्रथम श्रेणी के रिश्तेदार के माता-पिता के अलावा सगे भाई और बहन भी शामिल होंगे।
वर्तमान में स्पांसर्ड एनआरआई का नियम लागू है। इसके तहत अब तक नाना-नानी, चाचा-चाची, ताऊ, मामा-मामी या दूसरे रिश्तेदारों के विदेश में होने पर एनआरआई कोटे के लिए पात्र है। एमबीबीएस प्रवेश नियम में दो पीढ़ी पहले तक माता-पिता पक्ष से रक्त संबंध की पुष्टि करने वाला प्रवेश के लिए पात्र है। जैसे माता, पिता, भाई, बहन, भाई-बहन की संतान, चाचा, चाचा की संतान, मामा, मामा की संतान, मौसी, मौसी की संतान, बुआ, बुआ की संतान, नाना-नानी, दादा-दादी आदि शामिल हैं। इसके लिए वंशावली प्रमाणपत्र जरूरी है।
कॉलेज कुल एनआरआई
बालाजी रायपुर 250 37
रिम्स रायपुर 250 37
शंकराचार्य भिलाई 250 37
अभिषेक भिलाई 200 30
रावतपुरा रायपुर 150 22
कुल 1150 163
Updated on:
05 Aug 2026 08:50 am
Published on:
05 Aug 2026 08:50 am
