आयुष्मान से 'धनवान' बनने के लिए 5 माह में 228 स्पाइनल सर्जरी, 2 करोड़ रुपए का बिल

  • जिंदगी से खिलवाड़ : रायपुर के एक नए अस्पताल का कारनामा
  • ज्यादातर मरीजों को पीठ दर्द था ही नहीं
  • ओपीडी को आईपीडी में बदलकर मरीज किए भर्ती
  • बाहरी डॉक्टरों को बुलाकर करवाई सर्जरी
  • पीआरओ के जरिए पहुंचे थे ज्यादातर मरीज

By: Anupam Rajvaidya

Published: 01 Oct 2019, 08:00 AM IST

अभिषेक राय/ रायपुर. आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) से पैसा बनाने के लिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कटोरातालाब स्थित प्राइवेट अस्पताल (private hospital) होपवेल में कई मरीजों को पीठ में दर्द नहीं होने के बावजूद बाहर से डॉक्टरों को बुलाकर स्पाइनल सर्जरी करवा डाली। कई मामलों में तो बिना एमआरआई करवाए ही सर्जरी की गई। 9 मार्च 2019 को शुरू हुए इस अस्पताल में पांच माह के भीतर ही 228 'स्पाइनल केनाल स्टेनोसिस' सर्जरी कर डालीं। जबकि इस दौरान शहर के 610 अस्पतालों में मिलाकर कुल ऐसे 800 मामले ही आए। अधिकांश बड़े निजी अस्पतालों में 30-40 सर्जरी हुईं। कुछ अन्य सर्जरी को जोड़कर आयुष्मान भारत योजना से 2 करोड़ रुपए से ज्यादा रकम लेने का दावा कर दिया।

हनी ट्रैप केस : सुंदरियों की डायरी ने उगले राज, ये हैं छत्तीसगढ़ के पंछी

चार डॉक्टरों की टीम ने की जांच
बिल की रकम और सर्जरी की संख्या देखकर योजना के अफसरों से कान खड़े हो गए। जांच करवाई तो फर्जीवाड़ा (medical scam) सामने आ गया। आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat health scheme) के एडिशनल सीईओ विजेंद्र कटरे ने बताया कि अस्पताल में बहुत खामियां मिली हैं। एमआरआई रिपोर्ट विशेषज्ञों के पास भेजी गई हैं। अन्य बीमारियों के मामले में भी गड़बड़ी मिली हैं। चार डॉक्टरों की जांच टीम 21 अगस्त को अस्पताल पहुंची। जांच रिपोर्ट के अनुसार बाहरी मरीजों के विभाग (ओपीडी) को भी अंदरूनी मरीजों के विभाग में बदल दिया गया। टीम को आयुष्मान भारत के तहत आईपीडी में 64 रोगी मिले। अधिकांश 4-5 दिन से भर्ती थे।

केस-1 : बार-बार ले जाते ऑपरेशन थिएटर
44 वर्षीय रामेश्वर बाघ आईसीयू में 19 अगस्त 2019 से भर्ती था, जबकि उसे सामान्य दर्द और कमजोरी थी। उसे सर्वाइकल स्पाइनल सर्जरी के लिए कहा गया। तैयारी कर ली गई। रोगी को एक पीआरओ अस्पताल लाया था। चलने-फिरने में कोई परेशानी नहीं है। मुझे 2-3 बार ऑपरेशन थिएटर ले जाकर वापस ले आते थे। यह बताते थे ब्लडप्रेशर हाई है, जबकि चार्ट में बढ़े हुए बीपी का कोई उल्लेख नहीं मिला। 15 दिन भर्ती रखा। इस दौरान केवल बीआइस किया गया।

केस-2 : बिना बीमारी के ऑपरेशन की तैयारी
14 साल की एक बच्ची 16 अगस्त को अस्पताल के स्त्री रोग विभाग में भर्ती थी। उसे राइट लेबियल सूजन के कारण भर्ती किया गया था। अस्पताल ने बवासीर और फिशर के ऑपरेशन के लिए प्लान किया था, जबकि रोगी और उसकी मां ने इस तरह की बबासीर या फिशर संबंधी किसी तकलीफ के होने से इनकार किया।

यह होता है स्पाइनल कैनाल स्टेनोसिस
रीढ़ की हड्डियों के भीतर रिक्त स्थान (कैनाल) का संकुचन स्पाइनल कैनाल स्टेनोसिस कहलाता है, जो रीढ़ के माध्यम से गुजरने वाली तंत्रिकाओं पर दबाव डालता है। विशेषज्ञों के अनुसार रीढ़ की हड्डी में दर्द होने, पीठ के निचले हिस्से में असहनीय दर्द होने, सर्वाइकल और स्पाइन ट्यूमर को निकालने की स्थिति बनने पर दवाई और व्यायाम से आराम नहीं मिलने पर ही स्पाइनल सर्जरी की सलाह दी जाती है।

हनी ट्रैप मामले में बड़ा खुलासा, छत्तीसगढ़ के नेताओं के भी सुंदरियों से संबंध

चौंकाने वाले तथ्य
- तकरीबन सभी भर्ती मरीज पीआरओ लाए थे, जिन्हें सामान्य दर्द व पीठ के दर्द की शिकायत थी। इन सभी का सामान्य रोगियों की तरह ओपीडी में ही इलाज किया जा सकता था। जबकि उन्हें आईसीयू में भर्ती दिखाया गया था।
- मोतियाबिंद के केसों में दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। दो बिस्तरों के बीच की दूरी गाइडलाइन के अनुसार नहीं थी। सर्जरी के बाद एक बिस्तर पर 2-2 मरीज थे। वार्ड गंदा था। मोतियाबिंद के 25 रोगी एक ही क्षेत्र से पीआरओ द्वारा लाए गए थे।

मुख्यमंत्री बघेल का आरक्षण पर एक और सियासी स्ट्रोक, बढ़ सकता है आरक्षण का प्रतिशत

तमाम गड़बडिय़ां मिली हैं
आयुष्मान भारत योजना के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. श्रीकांत राजिमवाले ने बताया कि अस्पताल के खिलाफ जांच की जा रही है। कई अनियमितताएं मिली हैं। अस्पताल प्रबंधन से कई कागजात मंगाए गए हैं।

हॉस्पिटल के डायरेक्टर ने कहा
होपवेल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. राजेश नंदा ने कहा कि किसी की जबरदस्ती सर्जरी नहीं की जा सकती है। हमारे अस्पताल में मरीजों का मुफ्त में इलाज होता है, इसलिए इतनी संख्या में सर्जरी हुई है। जांच टीम ने एमआरआई व अन्य की जांच रिपोर्ट मांगी थी, जिसे दे दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में बने गोबर के दीयों से जगमगाएगी केजरीवाल की दिल्ली

दोषी पाए जाने पर करेंगे कार्रवाई
छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) की स्वास्थ्य सचिव (health secretary) निहारिका सिंह बारिक ने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में है, जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट अभी मेरे पास नहीं पहुंची है। दोषी पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।

स्पाइनल सर्जरी की प्रक्रिया जटिल
रायपुर के डीकेएस हॉस्पिटल (raipur DKS hospital) के न्यूरो सर्जन डॉ. संजीव गुप्ता के मुताबिक स्पाइनल सर्जरी की प्रक्रिया उच्च स्तर की एवं जटिल होती है। डॉक्टर दवाओं से ही ठीक करने की कोशिश करते हैं, जब जरूरी होता है तभी सर्जरी की जाती है। केस के हिसाब से स्पाइनल सर्जरी में टाइम लगता है।

Show More
Anupam Rajvaidya Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned