
रायपुर. बिना ट्रेनिंग कोरोना ड्यूटी लगाए जाने से शिक्षक लगातार संक्रमित हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण चपेट में आने से जिले के कई शिक्षक बीमार है। कई लोगों की संक्रमण के चपेट में आने से मौत भी हो चुकी है। साथी कर्मचारियों की बीमारी व मौत से नाराज शिक्षक जिला प्रशासन द्वारा ड्यूटी लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है, कि सरकार उन्हें कोरोनावीर नहीं मान रही। अब तक सरकार ने उनकी मांगों को भी पूरा नहीं किया है। संक्रमणकाल में अब शिक्षकों को सुरक्षाकिट भी नहीं मिल रही है। सुरक्षाकिट के बिना शिक्षक ड्यूटी करने के लिए मजबूर है। शिक्षक संघों ने शासन से उन्हें कोरोनावीर मानने, इंश्योरेंस करवाने और सुरक्षाकिट उपलब्ध कराने की मांग की है। शिक्षक संघों के जिम्मेदारों का कहना है, कि शिक्षकों की जरूरते पूरी नहीं होगी, तो वो विरोध में उतर जाएंगे और इसके जिम्मेदार जिला प्रशासन व शासन के जिम्मेदार होंगे।
100 शिक्षकों की मौत होने का दावा
पदाधिकारियों ने कहा, कि प्रदेश के अब तक लगभग 100 शिक्षकों की मौत हो चुकी हे। इन मौतों की जांच के बाद भी जिम्मेदार नहीं जाग रहे है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि शिक्षकों की मौत के बाद उनके आश्रितों को नौकरी दी जाए, ताकि उनके परिवार का जीविकोपार्जन हो सके। शिक्षक संघों के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार मांग पूरी नहीं कर रही और एक दिन का पैसा अलग से मांग रही है। शिक्षकों की मांग को जिम्मेदार व जनप्रतिनिधि पूरी नहीं कर रहे, जिस वजह से उनमें आक्रोश है।
यहां लगी है ड्यूटी
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार शिक्षकों की ड्यूटी चेक पोस्ट, वैक्सीनेशन, रेल्वे स्टेशन, क्वारेंटाइन सेंटर्स व टेस्टिंग में लगा दी गई है। इन ड्यूटी में लगने से शिक्षक लगातार संक्रमितों की चपेट में आ रहे है और खुद बीमार हो रहे है। बीमार शिक्षक को शासन से मदद भी नहीं मिल रही और वो खुद के खर्चे से अपना इलाज करवाने के लिए मजबूर है।
इस अव्यस्था से शिक्षकों पर दोहरीमार पड़ रही है। कोरोना डर से रायपुर जिले के कई शिक्षक ड्यूटी पर नहीं जा रही है। जोन कमिश्नर की शिकायत पर स्कूल शिक्षा विभाग संचालक ने कुछ शिक्षकों पर कार्रवाई की है। संचालक की कार्रवाई का भी शिक्षकों के हक की आवाज उठाने वाले पदाधिकारी विरोध कर रहे है।
रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी अशोक नारायण बंजारा ने कहा, ड्यूटी में पदस्थ शिक्षकों को विभाग से मिलने वाली सुविधाएं दी जा रही है। जहां अव्यवस्था है, वहां पर जिम्मेदारों को सुरक्षाकिट मुहैय्या कराने के लिए कहता हूं। निर्देशों का सभी को पालन करना है। जिन्हें समस्या है, वे वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करके अपनी समस्या का समाधान कर सकते है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा, बिना सुरक्षाकिट शिक्षक ड्यूटी करने के लिए मजबूर है। संक्रमण की चपेट में आने से कई शिक्षक बीमार है व कई लोगों की मौत हो चुकी है। शासन से किसी को भी मदद नहीं मिल रही है। शिक्षकों को सुविधा मिलेगी, तब ही आक्रोश खत्म होगा।
Published on:
26 Apr 2021 06:16 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
