नगर मंत्री मुकेश नायक ने बताया कि कालेज के बीए द्वितीय वर्ष, बीए तृतीय वर्ष के मुख्य परीक्षा में 5 से 10 अंक के लिए पूरक हुए, मगर ऐसा क्या हुआ कि पूरक परीक्षा में इन छात्रों को शून्य अंक दे दिया गया। जबकि पूरक छात्रों ने तैयारी के साथ परीक्षा दी थी। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विवेकानंद यादव ने कहा कि पं. श्यामशंकार मिश्र कालेज में अंग्रेजी विषय को खोले पांच वर्ष हो गए पर यहां अंग्रेजी के प्राध्यापक नहीं है। फिर भी छात्र मेहनत कर अपने दम पर मुख्य परीक्षा में सिर्फ 5 से 10 अंक के लिए पूरक निकले थे। छात्रों का कहना है कि पूरक परीक्षा में पास होने अधिक मेहनत किए, पेपर भी ठीक बना, लेकिन उन्हें शून्य अंक मिले जो की सच्चाई से परे नजर आता है।