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NEET Protest Controversy: रायपुर में NEET प्रदर्शन में आपत्तिजनक पोस्टर लहराने वालों की तलाश शुरू, पुलिस ने शुरू की जांच

NEET Paper Leak Protest Controversy: रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों में NEET-2026 पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक पोस्टरों को लेकर विवाद बढ़ गया है।
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NEET Protest Controversy

NEET Protest Controversy: NEET पेपर लीक प्रदर्शन (photo-patrika)

NEET Protest Controversy: छत्तीसगढ़ के रायपुर NEET-2026 पेपर लीक के विरोध में आयोजित प्रदर्शनों के दौरान आपत्तिजनक पोस्टरों और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों-वीडियो को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में हुए प्रदर्शनों के संबंध में पुलिस को शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसके बाद जांच तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल किए गए पोस्टरों, उन्हें लेकर चलने वाले व्यक्तियों और सोशल मीडिया पर सामग्री प्रसारित करने वालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

NEET 2026 Protest: सोशल मीडिया पोस्ट और वायरल वीडियो जांच के दायरे में

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों की पुलिस को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विवादित पोस्टर किसने तैयार किए और उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के पीछे किसकी भूमिका थी। अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा सकती है।

रायपुर प्रदर्शन में शामिल थे नाबालिग

रायपुर के कलेक्टोरेट चौक स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के पास हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। आरोप है कि इनमें कुछ नाबालिग भी शामिल थे और उनके हाथों में भी आपत्तिजनक एवं अपशब्दों वाले पोस्टर देखे गए। इसके अलावा, प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति ली गई थी या नहीं, इस पहलू की भी जांच की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि सभी तथ्यों का परीक्षण करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

कानून क्या कहता है?

कानूनी जानकारों के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर अशोभनीय या आपत्तिजनक सामग्री का प्रदर्शन करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यदि किसी पोस्टर में महिलाओं का अशिष्ट चित्रण पाया जाता है, तो स्त्री अशिष्ट रूपण (प्रतिषेध) अधिनियम के प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।

वहीं, सार्वजनिक शांति भंग होने या सामाजिक तनाव उत्पन्न होने की स्थिति में बीएनएस की अन्य धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया जा सकता है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और संबंधित व्यक्तियों की पहचान करने का प्रयास जारी है।