
प्रशासनिक मशीनरी की लापरवाही, कहीं से मरीज गायब तो किसी के आभूषण पार .
रायपुर.कोरोना वायरस की डरावनी रफ्तार से हालात बेकाबू हो गए हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मरीजों के इलाज के लिए नए- नए कोविड सेंटर संचालित कर राहत देने का प्रयास कर रहा है। इधर, कुछ कोविड सेंटरों और अस्पतालों में लापरवाही, चोरी और लूट-खसोट शुरू हो गई है। गुुरुवार को सामने आई प्रशासनिक मशीनरी की लापरवाही की तीन कहानियां आपको झकझोर कर रख देगी।
55 वर्षीय महिला को हायर सेंटर किया रेफर, परिजन अब तक कर रहे तलाश
राजधानी रायपुर में एक मामला ऐसा आया कि सब हैरान हो गए। दरअसल 55 वर्षीय महिला की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के 9 अप्रैल की देर रात फुंडहर कोविड सेंटर में भर्ती कराया गया। 10 अप्रैल को तबीयत बिगडऩे पर परिजनों को बिना बताए पीड़िता को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन दो दिनों से राजधानी में संक्रमितों के लिए बनाए गए डेडिकेटेड अस्पतालों में तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कुछ पता नही चल पाया है।
परिजनों के मुताबिक, वे दो दिन बाद पीड़िता को मोबाइल देने के लिए पहुंचे। फुंडहर के एक स्टाफ ने पीड़िता को देने की बात कहकर मोबाइल अपने पास रख लिया। तबीयत पूछने के लिए जब मोबाइल पर कॉल किया गया तो किसी ने रिसीव नहीं किया। दो दिन परिजन कोविड सेंटर आए तो पता चला कि मोबाइल स्टाफ के पास ही है और पीड़िता को किसी हायर सेंटर रेफर किया गया है। वहां के एक कर्मचारी ने बताया, एक ही नाम की दो महिलाएं एक ही दिन भर्ती हुई थी। एक को हायर सेंटर रेफर किया जाना था। आंबेडकर अस्पताल रेफर करने के दौरान पर्ची पर गलती से दूसरी महिला का नाम लिख दिया। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में पता किया तो वहां भी महिला नहीं मिली। मामला फुंडहर कोविड सेंटर का है और महिला सतनाम चौक, खम्हारडीह निवासी है।
जिनको सेंटर इंचार्ज बनाया गया वे कोविड पॉजिटिव हो गए हैं। परिजनों को सूचना देकर ही मरीज को रेफर किया जाता है। आंबेडकर अस्पताल में महिला को भेजा गया है, परिजनों को जानकारी दी है। वहां जाकर उन्हें पता करना चाहिए।
डॉ. सृष्टि यदु, कोविड प्रभारी, फुंडहर
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आंबेडकर अस्पताल
सोने की चार चूडि़यां, चेन, 2 अंगूठी और कान का टॉप्स गायब
महोबा बाजार की रहने वाली 78 वर्षीय महिला को कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर 10 अप्रैल को आंबेडकर अस्पताल के कोविड वार्ड के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। 15 अप्रैल को पीडि़ता की मौत हो गई। शव लेने आए परिजनों ने देखा तो पीड़िता के गले से सोने की चेन, सोने की चार चूड़ी, 2 अंगूठी और कान का टॉप्स गायब था। परिजनों ने जब कोविड वार्ड में तैनात कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी सीएमओ ऑफिस से ही मिलेगी। परिजनों ने इसकी शिकायत मौदहापारा थाने में किया है। शिकायत में पीड़िता के पोते ने बताया है कि 13 अप्रैल को दादी को जूस पिलाकर पिता का अंतिम संस्कार करने गए थे। 13 अप्रैल को पिता की भी कोरोना से मौत हो गई थी। 15 अप्रैल को दोपहर में सूचना मिली कि उनकी दादी का भी निधन हो गया है। दोपहर 2.30 बजे अस्पताल पहुंचे तो दादी बेड पर ही पड़ी हुई थी और उनके सारे आभूषण गायब थे। कर्मचारियों से पूछने पर वह आनाकानी करने लगे। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस में की है। इधर, आंबेडकर अस्पताल की पीआरओ शुभ्रा सिंह ठाकुर ने बताया कि मरीजों को कहा जाता है कि आभूषण पहनकर न आएं। ऐसी घटना पर पुलिस को सूचना दी जाती है। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे हैं, जिससे चोरी का पता कर रहे हैं।
परिजनों ने थाने में शिकायत की है, जिसकी जांच की जाएगी। अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे को भी खंगाला जाएगा।
यदुमणि सिदार, टीआई, मौदहापारा
निजी अस्पताल
कोरोना की दवाओं का बिल बनाया 83 हजार
महामारी के इस दौरान में इंसानियत मानों मर ही गई है। मरीजों की बीमारी से कम अस्पतालों के बिल से सांसे ऊपर-नीचे हो रही है। राजधानी के एक निजी अस्पताल में कोविड मरीज के दवाओं का बिल 83 हजार बना दिया गया है। पुलिस लाइन में रहने वाली 70 वर्षीय महिला की कोविड जांच रिपोर्ट आने पर परिजनों ने पचपेड़ी नाका स्थित एक निजी अस्पताल में 8 अप्रैल को भर्ती कराया था। 14 अप्रैल को अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को पीड़िता को डिस्चार्ज कराने के लिए 1 लाख 55 हजार से अधिक का बिल बनाकर सौंप दिया। परिजनों ने देखा तो बिल में मेडिसिन का 83 हजार रुपए जोड़ा गया था। पीड़िता के एक परिजन ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन से पीड़िता को दिए जाने वाली दवाओं की जानकारी मांगी गई है। अधिकतम 10 से 15 हजार की आने वाली दवाओं का 83 हजार रुपए जोड़ा गया है।
अस्पतालों में की जा रही मनमानी की शिकायत के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। सीएमएचओ ऑफिस में भी शिकायत की जा सकती है।
डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ
Published on:
16 Apr 2021 01:51 am
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