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प्रधानमंत्री की जन औषधि केंद्र योजना राज्य में हुई फ्लॉप

प्रधानमंत्री द्वारा बनाई गई जन औषधि योजना के केन्द्रो पर मरीजों को नहीं मिल रही जरुरी दवाएं
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रायपुर

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Deepak Sahu

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Updated: 20 Feb 2018, 2:05 PM IST

pm jan aushadhi yojna

रायपुर . जिले में मरीजों को जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती व जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने केंद्र व राज्य शासन की योजना फ्लाप होती नजर आ रही है। केंद्रों की कम संख्या और जरूरी दवाओं की आपूर्ति बंद होने से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जैसी महती योजना पर ग्रहण लगता जा रहा है। रायपुर जिले में खोले गए 7 जन औषधि केंद्रों में जेनेरिक व सस्ती दवाओं की बिक्री करने के पहले चरण में 580 दवाएं सूचीबद्ध की गई थी, लेकिन अब इसकी संख्या घटकर 300 के करीब पहुंच गई है। वहीं केंद्रों में 50 प्रतिशत यानी 150 जरूरी दवाएं भी मरीजों को नहीं मिल पा रही है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय अनुसार जन औषधि केंद्रों में दवाओं की सप्लाई नहीं हो पा रही है। हालांकि जरूरी दवाओं को स्टॉक करने देवपुरी में डिपो की स्थापना की गई है, लेकिन वहां भी दवा नहीं होने से केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रही है। बहरहाल जन औषधि केंद्रों में डायबिटीज, बीपी, दर्द निवारक, एंटी बायोटिक, एंटी एलर्जिक, लिवर, हार्ट, मल्टी विटामिन, नेजल व आई ड्राप जैसी दवाइयों का स्टॉक खत्म हो गया है।

दिल के मरीजों के लिए मोनोट्रेट टेबलेट, रक्तचाप के मरीजों के लिए टैल्मीसार्टन, मेटप्लोल नहीं मिल रही है। एंटीबायटिक दवाओं का भी बुरा हाल है। ये दवाएं भी कई माह से केंद्र में नहीं आ रही हैं। ऐसे में रोजाना मरीजों व परिजनों के बिना दवा लिए जनऔषधि केंद्र से बैरंग लौटना पड़ रहा है।

संचालकों की बढ़ी मुसीबत

छत्तीसगढ़ राज्य में 21 फरवरी 2016 से जन औषधि केंद्र खोले गए। अब पूरे प्रदेश में इसकी संख्या बढक़र 195 तक पहुंच गई है। वहीं अकेले रायपुर जिले के 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरंग, धरसींवा, नवापारा, अभनपुर और बिरगांव के अलावा पुलिस लाइन स्थित जिला अस्पताल व शासकीय अंबेडकर अस्पताल को मिलाकर 7 जन औषधि केंद्रों का संचालन सीएमएचओ की निगरानी में किया जा रहा है।

जन औषधि केंद्रों में नहीं है ये जरूरी दवाएं

- पेंटाप्राजोल
- मल्टी विटामिन कैप्शूल
- बी-कॉम्प्लेक्स
- एम्लोडीसीन 5 एमजी
- लिवोसेट्रीजिन 10 एमजी
- सेट्रीजिन 10 एमजी
- मोन्टेलुकास्ट 10 एमजी
- टेल्मीसार्टेन 40 एमजी
- एमोक्सीसिलिन 500 एमजी
- फ्लूकोनाजोन 150 एमजी
- मेटोकोलाल 50 एमजी
- ऑफ्लाक्सएसीन 400 एमजी

जन औषधि केंद्र के राज्य नोडल अधिकारी सुरेन्द्र खंडवाल ने बताया प्रदेश में एक डिपो और दो एजेंसी के माध्यम से 195 केंद्रों तक दवाओं की सप्लाई की जाती है, लेकिन दिल्ली से ही दवाओं की सप्लाई नहीं की जा रही है।