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​​​​​​​ईंधन के रूप में इस्तेमाल के लिए गोबर गैस प्लांट को बढ़ावा दें: मुख्यमंत्री बघेल

मुख्यमंत्री ने गौठानों के बेहतर प्रबंधन औैर यहां आमदनी बढ़ाने के साथ आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अपना सुझाव भी दिया।
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रायपुर

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Bhemendra Yadav

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Updated: 3 Jul 2021, 1:42 AM IST

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रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के स्वच्छता सर्वेक्षण, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, दाई-दीदी क्लीनिक, टैंकर मुक्त शहर, मिशन अमृत, जल प्रदाय परियोजना, गोधन न्याय योजना, पौनी पसारी, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं तथा अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की।

इस दौरान उन्होंने रसोई गैस के बढ़ती कीमतों से गरीब वर्गों को राहत पहुचाने की दिशा में शहरी क्षेत्रों में गोबर गैस प्लांट तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री बघेल ने शहरी क्षेत्रों में अधिक पशु संख्या एवं गोबर खरीदी केन्द्रो वाले क्षेत्र का चयन करने और गोबर गैस प्लांट निर्माण के साथ गैस की उपलब्धता लोगों के घरों में करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोबर गैस प्लांट में उपयोग हो चुके गोबर का इस्तेमाल निकट के उद्यानों, खेतों में करने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, नगरीय विकास विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी, संयुक्त सचिव आर. एक्का एवं राज्य शहरी विकास एजेंसी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौमिल रंजन चौबे उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री बघेल ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा के दौरान शहरी क्षेत्रों के रिक्त शासकीय भूमि का उपयोग बेहतर गौठान निर्माण की दिशा में करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौठानों में शहरी क्षेत्रों में आवारा घूमने वाले मवेशियों को रखने के साथ मवेशियों से प्राप्त गोबर का इस्तेमाल वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, सब्जी और चारा उत्पादन सहित अन्य कार्यों में करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने गौठानों के बेहतर प्रबंधन औैर यहां आमदनी बढ़ाने के साथ आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अपना सुझाव भी दिया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार दो वर्षों से स्वच्छतम राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ देश में सिरमौर बना हुआ है।

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना से विगत सात माह में लगभग 11 हजार स्वास्थ्य कैंप आयोजित कर 5 लाख 67 हजार से अधिक मरीजों का उपचार और 4 लाख 92 हजार मरीजों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गई है। इसी तरह दाई-दीदी क्लीनिक से भी महिला चिकित्सकों द्वारा महिलाओं, किशोरी बालिकाओं का उपचार स्लम इलाकों में कैंप लगाकर किया जा रहा है।

आने वाले समय में मोबाइल मेडिकल यूनिट की संख्या बढ़ाने के साथ उपचार की सुविधाओं का विस्तार करने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के परिपालन में नगरीय प्रशासन विकास विभाग द्वारा बताया गया कि टैंकर मुक्त शहर अभियान के माध्यम से 169 निकायों में 126 निकायों को टैंकर मुक्त कर लिया गया है।

मार्च 2022 तक शेष निकायों को भी टैंकर मुक्त कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री बघेल ने इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में मिशन अमृत जल प्रदाय योजना, नदियों के पुनरोद्धार हेतु निर्माणाधीन एसटीपी, पौनी पसारी योजना, प्रधानमंत्री आवास अंतर्गत सबके लिए आवास योजना की प्रगति सहित गोधन न्याय योजना, पौनी पसारी, सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर योजना, मुख्यमंत्री मितान योजना, मुख्यमंत्री सस्ती दवा दुकान योजना के क्रियान्वयन तथा अधोसंरचना के कार्यों और निकायों में आमदनी बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई।