
अब QR कोड से खुलेंगे सरकारी दस्तावेजों के राज (Photo AI Image )
Chhattisgarh News: सरकारी प्रमाण-पत्रों की सत्यता जांचने के लिए अब दफ्तर-दफ्तर भटकने की जरूरत नहीं होगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से जारी होने वाले सभी प्रमाण-पत्रों में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन व्यवस्था लागू की है। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा उद्देश्य फर्जी प्रमाण-पत्रों पर रोक लगाना और सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी व भरोसेमंद बनाना है। राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अनुसार, सेवा सेतु पोर्टल पर वर्तमान में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं और 44 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
अब आय, जाति, निवास, विवाह पंजीयन, राशन कार्ड तथा अन्य प्रमाण-पत्रों पर एक विशेष क्यूआर कोड अंकित रहेगा। किसी भी संस्था, विभाग, नियोक्ता या नागरिक द्वारा मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करते ही प्रमाण-पत्र की वास्तविक जानकारी और उसकी वैधता की पुष्टि की जा सकेगी। इसके साथ प्रत्येक आवेदन को यूनिक एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर भी दिया जाएगा, जिससे दस्तावेज की ट्रैकिंग आसान होगी।
सरकारी योजनाओं, नौकरियों, छात्रवृत्ति, प्रवेश प्रक्रियाओं और ठेकों में अक्सर फर्जी प्रमाण-पत्रों का इस्तेमाल सामने आता रहा है। नई व्यवस्था में नकली आय, जाति और निवास प्रमाण-पत्रों की पहचान तुरंत हो सकेगी। भर्ती एजेंसियां दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन कर सकेंगी। कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रवेश के दौरान प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता जांच सकेंगे। बैंक और वित्तीय संस्थाएं ऋण या अन्य सेवाओं के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों का सत्यापन कर पाएंगी। सरकारी योजनाओं में फर्जी लाभार्थियों की पहचान आसान होगी।
क्यूआर कोड, डिजिटल हस्ताक्षर और ऑनलाइन सत्यापन की संयुक्त व्यवस्था दस्तावेजों में छेड़छाड़ की संभावना को काफी हद तक समाप्त कर देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि क्यूआर आधारित सत्यापन प्रणाली न केवल दस्तावेजों की विश्वसनीयता बढ़ाएगी, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी तेज और पारदर्शी बनाएगी।
सेवा सेतु पोर्टल पर ट्रेजरी और ई-चालान के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे नागरिक घर बैठे शुल्क जमा कर सकेंगे और बैंक या कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी।
नई व्यवस्था के तहत सेवा सेतु पोर्टल से जारी प्रत्येक प्रमाण-पत्र पर एक विशेष क्यूआर कोड अंकित रहेगा। संबंधित संस्था, विभाग, नियोक्ता, बैंक या कोई भी अधिकृत व्यक्ति अपने मोबाइल फोन से इस क्यूआर कोड को स्कैन कर दस्तावेज की वास्तविक जानकारी और उसकी वैधता की पुष्टि कर सकेगा।
Updated on:
28 Jul 2026 09:52 am
Published on:
28 Jul 2026 09:52 am
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