
बैठक (फोटो सोर्स- पत्रिका)
रायपुर@ अजय रघुवंशी। Raipur Rainwater Harvesting Rules: मानसून आ चुका है, लेकिन सैकड़ों घरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का इंतजार है। राजधानी में नगर निगम के सामने यह बड़ी चुनौती सामने आई है। वजह यह है कि दस साल पहले जमा की गई राशि से अब रेन वॉटर सिस्टम लगाने के लिए हाइड्रोलॉजिस्ट तैयार नहीं हैं। 10 वर्ष पहले 1600 वर्गफीट प्लॉट के लिए 10 से 15 हजार रुपए की राशि जमा की गई, लेकिन अब लागत 20 हजार से ज्यादा हो चुकी है। निगम ने तब समय पर सिस्टम के लिए कड़ाई नहीं बरती और छूट दी।
निगम जोन-4 ने हाल ही में जारी टेंडर में हाइड्रोलॉजिस्ट की टेंडर की जगह कॉमन टेंडर किया है, जिसमें भू-जल वैज्ञानिकों के साथ एनजीओ, स्व-सहायता समूह, बेरोजगार सिविल इंजीनियर, असंगठित कामगार आदि से भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। भू-जल वैज्ञानिकों के मुताबिक यह पहली बार हो रहा है, जब निगम ने रेन वॉटर के लिए कॉमन टेंडर जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों खर्च होने के बाद भी क्या वाकई में गुणवत्तापूर्ण रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बन पाएगा या फिर यह सिर्फ खानापूर्ति साबित होगी।
दूसरी रणनीति में अब निगम ऐसे मकान मालिकों पर अतिरिक्त प्रॉपर्टी टैक्स या जुर्माना लगाने की रणनीति बना रहा है, जिन्होंने सिस्टम नहीं लगाया। इस संबंध में जल्द ही एमआईसी में प्रस्ताव लाया जा सकता है। इसकी बड़ी वजह भीषण गर्मी में जलसंकट और गिरते ग्राउंड वॉटर लेवल की स्थिति है।
निगम प्रशासन ऐसे भवन मालिकों की सूची तैयार कर रहा है, जिन्होंने भवन निर्माण के दौरान रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के नाम पर राशि तो जमा कर दी, लेकिन मौके पर सिस्टम नहीं लगाया। नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक राजधानी में दो लाख से अधिक मकान हैं, जबकि चार हजार से ज्यादा भवनों में अब तक रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, नगर निगम के पास रेन वॉटर हार्वेस्टिंग मद में करीब नौ करोड़ रुपए जमा हैं। अब बारिश के मौसम में इन भवनों में सिस्टम लगाने की कवायद शुरू की जा रही है। इसके लिए सभी जोनों में अलग-अलग टेंडर जारी करने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि जल्द से जल्द कार्य शुरू कराया जा सके।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए हाइड्रोलॉजिस्ट प्राथमिकता में है। सिस्टम लगाने के लिए राशि के अंतर को लेकर कुछ समस्याएं आई है, जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि बारिश में घरों में नियमों के मुताबिक सिस्टम लगे। मीनल चौबे - महापौर, रायपुर नगर-निगम
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए अलग-अलग जोनों से भू-जल वैज्ञानिकों के साथ ही एनजीओ, स्व-सहायता समूहों व अन्य फर्मों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) मंगाया गया है। आभाष मिश्रा- नगर निवेशक, नगर-निगम, रायपुर
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए पहली बार कॉमन टेंडर किया गया है। यह समझ से परे हैं। यह सही है कि 10 साल पहले जमा राशि में अब क्वालिटी सिस्टम संभव नहीं है। निगम गुणवत्ता कैसे कायम रख पाएगी यह देखना चाहिए। - विपिन दुबे, वरिष्ठ भूजल वैज्ञानिक, रायपुर
Updated on:
03 Jul 2026 11:55 am
Published on:
03 Jul 2026 11:55 am
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