राज्य में 6858 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत करीब 23,124 सीटें निर्धारित हैं। पहले और दूसरे चरण के बाद लगभग 13,882 सीटों पर प्रवेश हो चुका है, जबकि अभी भी करीब 9,242 सीटें खाली हैं। शिक्षा विभाग के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है कि अंतिम चरण में भी अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं मिल रहे हैं।