सांसद सरोज पांडेय ने लैंगिक अपराधों में बालकों का संरक्षण संशोधन विधेयक किया प्रस्तुत

  • संसद का बजट सत्र : छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य हैं सरोज पांडेय
  • राज्यसभा में पेश किए गए सात निजी विधेयक

रायपुर. लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण संशोधन विधेयक सहित सात निजी विधेयक राज्यसभा में शुक्रवार को पेश किए गए। भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री व छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय द्वारा प्रस्तुत विधेयक में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के संशोधन का प्रस्ताव है।

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राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने शुक्रवार को राज्यसभा में संशोधन विधेयक को पुर:स्थापित किया। सरोज पांडेय के विधेयक में यह प्रस्ताव है कि 15 से 18 वर्ष के बीच की आयु के बाल अपराधियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 के दायरे में लाया जाए। साथ ही उन्हें वही दंड दिया जाए जो इस अधिनियम के अधीन वयस्क अपराधियों को दिया जाता है।
राज्यसभा में संशोधन विधेयक पेश करतीं सरोज पांडेय
वहीं, कांग्रेस के हुसैन दलवई ने शरणार्थियों के संरक्षण के संबंध में 'शरणार्थी और शरण स्थल विधेयकÓ पेश किया। विधेयक में प्रावधान किया गया है कि एक उपयुक्त कानूनी ढांचा बना कर शरणार्थियों और शरण चाहने वाले लोगों के लिए एक प्रभावी तंत्र स्थापित किया जा सके। यह कानूनी ढांचा शरण मांगने वालों के दावों का निर्धारण करेगा। इनके अलावा आरएसएस के समर्थक व राज्यसभा में मनोनीत सदस्य राकेश सिन्हा ने नौकरी से निकाले गए कर्मचारी (कल्याण) विधेयक पेश किया।
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Anupam Rajvaidya Desk
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