23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सीता की रसोई को जान सकेगी दुनिया

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में स्थित है सीतामढ़ी हरचौका राम वन गमन परिपथ में पर्यटन तीर्थ के रूप में किया जा रहा है विकसित
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Anupam Rajiv Rajvaidya

•

Updated: 5 Oct 2021, 11:17 PM IST

सीता की रसोई को जान सकेगी दुनिया

सीता की रसोई को जान सकेगी दुनिया

रायपुर. सीता की रसोई को अब पूरी दुनिया जान सकेगी। भगवान श्री राम ने वनवास के दौरान कोरिया जिले से ही छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। भरतपुर तहसील के जनकपुर में स्थित सीतामढ़ी हरचौका को उनका पहला पडा़व माना जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना राम वन गमन परिपथ विकास के तहत पहले चरण में सीतामढ़ी को पर्यटन तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

लखीमपुर खीरी हिंसा में 8 की मौत, मुख्यमंत्री बोले- किसानों के साथ वहशी व्यवहार
मवाई नदी के किनारे स्थित सीतामढ़ी हरचौका की गुफा में 17 कक्ष हैं। इसे सीता की रसोई के नाम से भी जाना जाता है। वहां एक शिलाखंड है, जिसे लोग भगवान राम का पद-चिह्न मानते हैं। मवाई नदी तट पर स्थित गुफा को काटकर 17 कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें शिवलिंग स्थापित हैं। इसी स्थान को हरचौका (रसोई) के नाम से जाना जाता है।
ये भी पढ़ें...[typography_font:14pt]पोर्न फिल्म मामले में छत्तीसगढ़ की अभिनेत्री को सुप्रीम कोर्ट से राहत
भगवान राम हरचौका से रापा नदी के तट पर स्थित सीतामढ़ी घाघरा पहुंचे थे। यहां करीब 20 फीट ऊपर 4 कक्षों वाली गुफा है। इसके बीच में शिवलिंग स्थापित है। आगे की यात्रा में वे घाघरा से निकलकर कोटाडोला होते हुए सरगुजा जिले की रामगढ़ पहाड़ी पहुंचे थे। 7 अक्टूबर को यहां विकसित नई पर्यटन सुविधाओं के लोकार्पण के साथ पूरे राम वन गमन पर्यटन परिपथ का भी शुभारंभ किया जाना है।
ये भी पढ़ें...[typography_font:14pt;" >ये भी पढ़ें...फिल्म निर्माण का हब बनकर उभरेगा छत्तीसगढ़