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RTE राशि फर्जीवाड़ा : स्कूल का पैसा निजी खातों में डालने वाले दोषियों पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई

- 74 लाख रुपए का फर्जीवाडा किया था स्कूल शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने .- लॉकडाउन में फर्जीवाड़ा करने वालों को मिला अभयदान .
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RTE राशि फर्जीवाड़ा : स्कूल का पैसा निजी खातों में डालने वाले दोषियों पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई

रायपुर। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) की राशि निजी खातों में डालने वाले जिम्मेदारों पर दो माह बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग के जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर पाए है। दो माह में तीन बार संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ जांच करवाकर मुख्यालय में रिपोर्ट जमा हो चुकी है, लेकिन अब तक फर्जीवाड़ा करने वाले दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद ही जिले के अफसर मामलें में कार्रवाई करने की बात बोल रहे है। लॉकडाउनलगने की वजह से जांच प्रक्रिया धीमी चल रही है, जिसका फायदा दोषी अधिकारी-कर्मचारियों को मिल रहा है। अफसर जांच जारी होने की बात कहते हुए कार्रवाई जल्द से जल्द होने का दावा कर रहे हैं।

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यह है पूरा मामला
आरटीई का राशि निजी स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा जारी की जाती है। वर्ष 2018 से 2020 शिक्षा सत्र का पैसा एकमुश्त स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने निजी स्कूलों को जारी किया गया। पैसा जारी करने से पहले स्कूल शिक्षा विभाग के संचालक ने पैसा मुख्यालय से जारी करने की बात कही थी और जिला कार्यालय से आरटीई की श्रेणी में आने वाले स्कूलो ंकी जानकारी मांगी थी। हर जिले में समिति बनी, लेकिन रायपुर जिले की समिति में शामिल कुछ कर्मचारियों ने स्कूलों के नाम के आगे गलत अकाउंट नंबर डाल दिया। वेरीफिकेशन के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों की यह गलती पकड़ नहीं पाए और गलत स्कूलों व निजी व्यक्तियों के खाते में पैसा चला गया। तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी सेवानिवृत्त हो गए और उनकी जगह चार्ज लेने वाले अफसरों ने पूरी गडबड़ी का खुलासा किया।

मामलें में तीन बार जांच हो चुकी है, लेकिन अब तक शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने वाले दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई है। स्कूल शिक्षा विभाग के जिम्मेदार मामलें में जांच जारी होने की बात कहते है, लेकिन अब तक लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश जिला कार्यालय के जिम्मेदारों को नहीं दिया गया है।

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74 लाख रुपए किए गए थे ट्रांसफर
विभागीय अधिकारियों के अनुसार स्कूलों को राशि जारी करने वाले समिति के कर्मचारियों व जिम्मेदारों ने गलत खातों में 74 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिया था। जब खातों की जांच की गई, तो कुछ खाते बंद हो चुके स्कूलों के व कुछ खाते पर्सनल व्यक्ति के नाम से होने का पता अफसरों को चला। वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिया, तो खाताधारको ने स्कूल शिक्षा विभाग के खाते में पैसा वापस करवा दिया। खाताधारको का नंबर दूसरे स्कूल के नाम के आगे किस तरह से पहुंचा? इस मामले का जवाब विभागीय अधिकारियों के पास अब तक नहीं है। दोषियों पर कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई? इस सवाल पर वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने का जवाब जिम्मेदार दे रहे है।

छात्रवृत्ति मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से अब तक कोई भी निर्देश नहीं मिला है। निर्देश आते ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक नारायण बंजारा, जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर।

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