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मैनपुर हायर सेकंडरी स्कूल में 18 व्याख्याओं के पद हैं स्वीकृत, पदस्थ हैं मात्र 6

गरियाबंद जिले के तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर स्थित एकमात्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कई समस्याओं से जकड़ा हुआ है। शिक्षक और जर्जर भवन के स्थान पर नया भवन निर्माण की कई बार मांग करने के बावजूद इस ओर न तो विभाग के उच्च अफसर ध्यान दे रहे हैं, और न ही जनप्रतिनिधि। जिसके चलते छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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रायपुर

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Gulal Prasad Verma

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Updated: 20 Jan 2023, 4:34 PM IST

मैनपुर हायर सेकंडरी स्कूल में 18 व्याख्याओं के पद हैं स्वीकृत, पदस्थ हैं मात्र 6

मैनपुर हायर सेकंडरी स्कूल में 18 व्याख्याओं के पद हैं स्वीकृत, पदस्थ हैं मात्र 6

मैनपुर। गरियाबंद जिले के तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर स्थित एकमात्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कई समस्याओं से जकड़ा हुआ है। शिक्षक और जर्जर भवन के स्थान पर नया भवन निर्माण की कई बार मांग करने के बावजूद इस ओर न तो विभाग के उच्च अफसर ध्यान दे रहे हैं, और न ही जनप्रतिनिधि। जिसके चलते छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस संबंध में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पालक संघ की बैठक हुई। जिसमें शिक्षक और नया भवन निर्माण की मांग को लेकर उग्र आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।
मैनपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मे 552 छात्र -छात्राएं अध्यनरत हैं। यहां कुल 18 व्याख्याओं के पद स्वीकृत हैं। जिसमें से मात्र 6 व्याख्याता पदस्थ हैं और दो अतिथि शिक्षक इनके सहारे 552 छात्र छात्राओं को अध्ययन कराया जाता है। एक व्याख्याता की नियुक्ति अधीक्षिका के रूप में होने के कारण अब उनके द्वारा बच्चों को नहीं पढ़ाया जाता। विद्यालय में शिक्षक की गंभीर समस्या के कारण पढाई प्रभावित हो रही है। विद्यालय में हिन्दी, राजनीति विज्ञान, इतिहास व संस्कृत जैसे महत्वपूर्ण विषय के शिक्षकों के पद वर्षो से रिक्त हैं।
वर्ष 1980 से तहसील मुख्यालय मैनपुर में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रारंभ किया गया है। लेकिन पिछले 40 वर्षो में हायर सेकंडरी स्कूल भवन का निर्माण ही नहीं किया जा सका है। हायर सेकंडरी स्कूल, हाईस्कूल के जर्जर भवन में वर्षो से संचालित हो रही है। इस विद्यालय का काफी गौरवशाली इतिहास रहा है। इस विद्यालय में पढ़ाई कर निकल चुके छात्र आज राजनीति के बड़े-बड़े पदों पर विद्यमान हैं। दर्जनों विद्यार्थी डॉक्टर्स, इजीनियर्स और प्रशासनिक सेवा में हैं। बावजूद इसके इतना महत्वपूर्ण यह विद्यालय समस्याओं से जकड़ा हुआ है।
वर्ष 1980 में हाई स्कूल विद्यालय भवन का निर्माण किया गया था। इस भवन का एक हिस्सा ढह गया है। जो एक हिस्सा नहीं ढहा है उसकी स्थिति बेहद दयनीय है। यहां दो कक्षाएं और स्टाफ रूम के साथ प्राचार्य का कक्ष है। छत पर टीन का शेड लगा हुआ है। बारिश के दिनों में कमरों के भीतर पानी भर जाता है। इसी विद्यालय परिसर में वर्ष 1990-91 में एक हाईस्कूल भवन का निर्माण किया गया। इस भवन में 6 कमरे हैं। सभी कमरे जर्जर हो चुके हैं। बारिश में झरने की तरह पानी कमरों के अंदर झरता है। खिडकी-दरवाजे भी खराब हो गए हैं।
छात्राओं के लिए शौचालय भी नहीं
विद्यालय में छात्राओं के लिए शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है। 1 शौचालय का निर्माण वर्षो पूर्व किया गया था, वह बेहद जर्जर हो गया है। शौचालय निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण भी किए हैं। लेकिन शौचालय का निर्माण अब तक नहीं किया जा सका है।
कलेक्टर से मैनपुर क्षेत्र के लोगों ने की फरियाद
सरपंच संघ अध्यक्ष बलदेव राज ठाकुर, मैनपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव, भाजपा जिला उपाध्यक्ष योगेश शर्मा, गेंदु यादव, गजेन्द्र यादव, इम्तियाज मेमन ने गरियाबंद कलेक्टर प्रभात मलिक से मांग की है कि मैनपुर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्र- छात्राओं के लिए शिक्षक व मूलभूत बुनियादी सुविधाएं, शौचालय की व्यवस्था की जाए।