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छत्तीसगढ़ के महुआ की महक अब देश-विदेश तक

सात समुंदर पार यूके में 750 क्विंटल महुआ का निर्यात महुआ फूल के लिए वर्तमान में संग्रहण दर 33 रुपए प्रति किलोग्राम सालाना 170 करोड़ रुपए के 5 लाख क्विंटल महुआ फूल का संग्रहण
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छत्तीसगढ़ के महुआ की महक अब देश-विदेश तक

छत्तीसगढ़ के महुआ की महक अब देश-विदेश तक

छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड की घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में धूम
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में वनवासियों को लघु वनोपजों के संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण आदि कार्यों के माध्यम से अधिक से अधिक लाभ दिलाने निरंतर प्रयास हो रहे हैं। परंपरागत रूप से संग्रहित महुआ फूल के स्थान पर संघ द्वारा विकसित उन्नत तकनीकी से संग्रहित महुआ फूल के लिए ग्रामीणों को 33 रुपए प्रति किलोग्राम के स्थान पर 50 रुपए प्रति किलोग्राम प्राप्त होंगे। इसी तरह संग्राहकों को वनोपज संग्रहण तथा प्रसंस्करण कार्य में उन्नत तकनीकी का पालन करने के फलस्वरूप प्राप्त फूड ग्रेड महुआ का वर्तमान में 116 रुपए प्रति किलोग्राम दर प्राप्त हो रही है।
2) यह भी पढ़ें : [typography_font:14pt]ये गोभी जो है फूलों की तरह रंग-बिरंगी और आकर्षक, पौष्टिकता से भी भरपूर
वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि यूके के एक निजी संस्थान ने 750 क्विंटल खरीद कर उक्त महुआ आधारित उत्पाद तैयार करने हेतु प्रक्रिया की जा रही है। वहीं, वर्तमान में संघ द्वारा स्थापित महुआ आधारित प्रसंस्करण केंद्र जशपुर में महुआ सेनिटाइजर का निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह महुआ प्रसंस्करण केंद्र राजनांदगांव में महुआ लड्डू, जूस, कुकीज, चॉकलेट, आचार, जैम आदि तैयार कर 'छत्तीसगढ़ हर्बल्स' के नाम पर विक्रय किया जा रहा है। राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक संजय शुक्ला ने बताया कि महुआ फूल खाने योग्य बनाने के लिए संघ द्वारा प्रक्रिया विकसित की गई है।
3) यह भी पढ़ें : [typography_font:14pt;" >रायपुर. छत्तीसगढ़ में हर वर्ष लगभग 170 करोड़ रुपए मूल्य के 5 लाख क्विंटल महुआ फूल का संग्रहण होता है। राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा महुआ फल खाद्य योग्य अर्थात फूड ग्रेड महुआ फूल बनाने के लिए प्रक्रिया विकसित की गई है। अपनी गुणवत्ता और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दी जा रही नई तकनीक आदि की सुविधा से इसकी महक अब देश ही नहीं, अपितु विदेश तक होने लगी है।
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