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KTU दीक्षांत समारोह में बोले उपराष्ट्रपति – हिंदी के बिना हिंदुस्तान में आगे बढ़ना मुश्किल

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने बुधवार को रायपुर पहुंचे।
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 16 May 2018, 1:53 PM IST

Vice President

KTU दीक्षांत समारोह में बोले उपराष्ट्रपति - हिंदी के बिना हिंदुस्तान में आगे बढ़ना मुश्किल

रायपुर . उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने बुधवार को रायपुर पहुंचे। उपराष्ट्रपति दिल्ली से रवाना होकर सुबह 9.20 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति का काफिला पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुंचा, यहां वे विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति नायडु ने वर्तमान में मीडिया की भूमिका पर बोले। इस दौरान उन्होंने न्यूज और व्यूज के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि गुणवत्ता दूर रखकर ब्रेकिंग न्यूज चिंता का विषय है। आगे बढऩे की होड़ में मीडिया को अपने उत्तरदायित्व को नहीं भूलना चाहिए।

इस दौरान उन्होंने मीडिया के बदलते स्वरूप पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने आज मीडिया मिशन से उद्योग तक पहुंच गया है। उपराष्ट्रपति ने हिन्दी भाषा पर जोर देते हुए कहा कि हिंदी के बगैर हिंदुस्तान में आगे बढऩा मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभाषा को कभी नहीं भूलना चाहिए। मातृभाषा अपनी भावना को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अंग्रेजी पढऩे में कोई बुराई नहीं है। साथ ही उन्होंने सरकारी नौकरी के लिए मातृभाषा को अनिवार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से कहा कि कभी भी मदरलैंड और देश को कभी न भूलें। आज विदेश जाने वाले भी अपने देश वापस लौट रहे हैं।

समारोह में उन्होंने कहा कि आज देश अलगाववाद और आतंकवाद जैसी समस्या से जूझ रहा है। देश के युवा को अलगाववाद और आतंकवाद से बचकर रहना चाहिए। उन्होंने देश में महिलाओं पर बढ़ रहे अपराध को लेकर चिंता व्यक्त की। उपराष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। इससे मन विचलित होता है।

उन्होंने महिलाओं की शक्ति का बखान करते हुए कहा कि जितने भी नदियों के नाम हैं वे सभी महिलाओं के नाम पर है। इसलिए हम मदर लैंड कहते हैं फॉदर लैंड नहीं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने महिलाओं को राजनीति में भी आगे आने को कहा। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी स्टूडेंट्स को संबोधित किया और उन्हें शुभकामनाएं दी।

उपराष्ट्रपति नायडु ने दीक्षांत समारोह में 19 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिया। पहली बार दीक्षांत में गाउन की जगह स्टूडेंट्स अलग ही अंदाज में नजर आए। छात्र कुर्ता-पायजामा और छात्राएं कोसा साड़ी पहनकर आईं। यूनिवर्सिटी का नाम लिखा साफा और गुलाबी कलर की पगड़ी पहनकर स्टूडेंट्स ने डिग्री लिया।

इसके साथ ही कार्यक्रम समाप्ति के बाद करीब 12.30 बजे वे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। एयरपोर्ट से लेकर यूनिवर्सिटी तक चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात थे।