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कलेक्टर साहब, सिस्टम से इन महिलाओं का बड़ा सवाल, शिकायत लंबी तो जांच छोटी क्यों ?

जांच से असंतुष्ट ग्रामीणों ने जनदर्शन में पहुंचकर किसी राजपत्रित अधिकारी से दोबारा जांच करने की मांग की है ।
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बेमेतरा

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Dakshi Sahu

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Updated: 16 May 2018, 11:42 AM IST

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बेमेतरा. बेरला विकासखण्ड के ग्राम रांका राशन दुकान के राशन वितरण में अनियमितता को लेकर विभाग द्वारा किए गए जांच से असंतुष्ट ग्रामीणों ने जनदर्शन में पहुंचकर किसी राजपत्रित अधिकारी से दोबारा जांच करने की मांग की है । शिकायत के बाद कलक्टर महादेव कावरे ने बेमेतरा एसडीएम को ग्रामीणों की उपस्थिति में ही प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए।

मंगलवार को जिला कार्यालय पहुंचे ग्राम राकां के ग्रामीण सरफराज नियाजी, अजय कुमार बंजारे, संतोष टंडन, अयुब अहमद, कासिम बेग ने बताया कि राशन दुकान संचालक जूही महिला स्व सहायता समूह के अध्यक्ष राजकुमारी मानिकपुरी द्वारा पिछले लगभग 10 साल से राशन दुकान का संचालन किया जा रहा है।

तब से हितग्राहियों के राशन का बंदरबाट किया गया है। लेकिन शिकायत के बाद किए गए जांच में जांच अधिकारी ने मात्र 8-9 महीने के राशन वितरण की जांच कर रिपोर्ट सौपा है। जिसमें लगभग 1 लाख 72 हजार रुपए कीमत के राशन के गबन का मामला पाया गया है।

शिकायत लंबी तो जाच छोटी क्यों
ग्रामीणों ने कहा कि खाद्य विभाग के द्वारा कराए गए जांच को नाकाफी बताते हुए संचालक राजकुमारी मानिकपुरी को संरक्षण देने वाला बताया है। शिकायतकर्ता सरफरािज नियाजी ने बताया कि संचालक समूह के पूरे कार्यकाल का जांच करने पर लाखों रुपए के राशन की गपलत उजागर होगी।

सिटी कोतवाली में दर्ज है एफआइआर
बेरला विकासखंड के ग्राम रांका के राशन दुकान में अनियमितता पाए जाने पर 13 मई को सिटी कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराया गया है। जिसमें खाद्य निरिक्षक नरेन्द्र ठाकुर ने ग्राम रांका के राशन दुकान संचालित करने वाले जूही महिला स्व सहायता समूह के अध्यक्ष राजकुमारी मानिकपुरी के खिलाफ 1 लाख 72 हजार रुपए के राशन के गबन का मामला दर्ज कराया है।

राशन दुकान संचालक द्वारा टेबलेट से आनलाईन वितरण तो किया गया लेकिन हितग्राहियों को राशन नहीं दिया गया। और तो और मृत हितग्राहियों के नाम पर राशन का उठाव कर शासन को चूना भी लगाया गया है।