
रायपुर. दुनिया भर में अस्थमा मरीजों के बीच जागरूकता के लिए मई महीने के पहले सफ्ताह यानि 4 मई को विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day) मनाया जाता है। अस्थमा के मरीजों में इम्यून सिस्टम (Immune system) कमजोर होता है, इसलिए उनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में (Corona Pandemic) के दौरान अस्थमा के मरीजों को अपने खान पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। अस्थमा के मरीजों को कुछ चीजों से एलर्जी रहती है, जिससे उनकी तकलीफ बढ़ जाती है। आइए जानते हैं अस्थमा के मरीजों को किन चीजों से परहेज करना चाहिए।
आर्टिफिशियल स्वीटनर से बचे
एक्सपर्ट के मुताबिक अस्थमा के मरीजों को आर्टिफिशियल स्वीटनर के इस्तेमाल से बचना चाहिए। आमतौर पर आर्टिफिशियल स्वीटनर डाइट सोडा और जूस होता है। आर्टिफिशियल स्वीटनर एलर्जी बढ़ाने का काम करता है। अस्थमा के मरीजों को प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए।
प्रोसेस्ड फूड का न करें इस्तेमाल
प्रोसेस्ड फूड की वजह से अस्थमा और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं और बढ़ सकती हैं। खासतौर से ये बच्चों के लिए बहुत खतरनाक है। ग्रोसरी स्टोर्स से कई ऐसे प्रोसेस्ड फूड पाए जाते हैं, जिनमें प्रिज़र्वेटीव और आर्टिफिशियल कैलोरी पाई जाती है, जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। फास्ट फूड, डीप फ्राइड फूड, फ्रोजेन फूड और पैकेट फूड अस्थमा के लक्षणों को बढ़ाते हैं।
वेजिटेबल आयल बढ़ा सकती है समस्या
वेजिटेबल आयल खासतौर से प्रिज़र्वेटीव और बेनज़ुएट पाया जाता है, जो शरीर में सूजन और जलन को बढ़ाता है। अधिक तापमान पर वेजिटेबल आयल से खाना बनाने पर कई तरह से विषाक्त पदार्थ निकलते हैं, जो अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत ही हानिकारक है। अस्थमा के मरीज जितना हो सकें तले हुए भोजन से दूरी बना लें।
इसके अलावा अस्थमा के मरीजों को ज्यादा नमक भी नहीं खाना चाहिए। दूध और आइसक्रीम जैसे डेयरी प्रोडक्ट अस्थमा को बढ़ाने का काम करते हैं, क्योंकि इनकी वजह से फेफड़ों में बलगम बढ़ता है। अस्थमा के मरीजों को ग्रीक योगर्ट खाने की सलाह दी जाती है।
Published on:
04 May 2021 03:55 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
