
राजगढ़। छापीहेड़ा नगर के वाल्मिकी समाज के 55 वर्षीय रमेश वाल्मिकी का बीमारी के चलते निधन हो जाने पर, उनकी सबसे छोटी बेटी ने सेदरा रोड़ स्थित मुक्तिधाम पर मुखाग्नि देते हुए पिता को अंतिम विदाई दी।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद में कार्यरत रमेश की पांच पुत्रियां हैं। बेटियों के बीच रमेश के घर एक पुत्र ने भी जन्म लिया था। लेकिन दुर्भाग्य से जन्म के कुछ समय बाद ही पुत्र नहीं रहा। तब से लेकर उनकी सबसे छोटी बेटी अंगुरी पिता का लालन पालन पुत्र के रुप में कर रही थी।
ऐसे में पन्द्रह वर्षीय अंगूरी का स्वभाव, आदतें, रहन-सहन, वेशभूषा सब कुछ लड़कों जैसा ही ढला प्रतीत होता है। परिवार, समाज और नगर में अंगूरी रमेश के पुत्र के रुप में ही करीब-करीब पहचानी भी जाती थी। चार बड़ी बहिनों की शादी हो चुकी है, ऐसे में पिता के असामायिक निधन हो जाने पर पिता की अर्थी के आगे अग्नि थामने का निर्णय अंगूरी ने लिया। जिसको परिजनों और समाज ने भी स्वीकृति दी। जबकि नगरभर में पुत्री द्वारा पिता को मुखाग्नि दिए जाने के सराहनीय भाव हैं।
रमेश की हैं पांच बेटियां
बताया जाता है रमेश की पांच बेटियां हैं, जिनमें से चार बेटियों की शादी हो चुकी है और सबसे छोटी बेटी 15 वर्षीय अंगूरी है। जिसका स्वभाव, रहन—सहन सब लड़कों ही जैसा बताया जाता है। नगर में अंगूरी रमेश के पुत्र के ही रूप में पहचानी जाती है।
सड़क हादसे में एएसआई की मौत
इधर, अशोक नगर में ड्यूटी कर घर लौट रहे एएसआई की सड़क हादसे में मौत हो गई। जानकारी अनुसार कंट्रोल रूम से ड्यूटी कर घर जा रहे एएसआई रमेशसिंह रघुवंशी सुबह करीब 7.30 बजे पीछे से आ रहे आयशर ट्रेक्टर चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी की एएसआई की घटना स्थल पर ही मौत हो गई और ट्रेक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना के बाद ट्रेक्टर चालक मौका पाकर भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही एसपी डीएस भदौरिया, एडिशनल एसपी शानू आफशाब अली सहित अनेक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
Published on:
1 Nov 2017, 12:46 PM IST
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