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चर्चित सीएमएचओ मुख्यमंत्री की वीसी के बाद हटाए गए, कलेक्टर के खिलाफ भी करवा चुके हैं हड़ताल

सीएमएचओ के के श्रीवास्तव सिविल सर्जन एस यदु के अंडर में करेंगे काम देर रात जारी हुए आदेश के बाद सीएमएचओ को पद से किया मुक्त नियुक्तियों में धांधली, गलत रिपोर्टिंग का भी लगता रहा है आरोप
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राजगढ़

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 7 Jun 2020, 3:21 PM IST

चर्चित सीएमएचओ मुख्यमंत्री की वीसी के बाद हटाए गए, कलेक्टर के खिलाफ भी करवा चुके हैं हड़ताल

चर्चित सीएमएचओ मुख्यमंत्री की वीसी के बाद हटाए गए, कलेक्टर के खिलाफ भी करवा चुके हैं हड़ताल

राजगढ़। सीएमएचओ डाॅ.केके श्रीवास्तव को शनिवार की देर रात में पदमुक्त कर दिया गया। आदेश के अनुसार अब सीएमएचओ का प्रभार सिविल सर्जन डाॅ.एस. यदु के पास रहेगा। निवर्तमान सीएमएचओ डाॅ.केके श्रीवास्तव बाल रोग विशेषज्ञ के रुप में जिला अस्पताल में सेवाएं देंगे और उनकी रिपोर्टिंग अब नए सीएमएचओ डाॅ.एस यदु को होगी। डाॅ.केके श्रीवास्तव के सीएमएचओ पद से मुक्त किए जाने के शासन के आदेश की वजहों को फिलहाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नाराजगी को ही आधार माना जा रहा है। सीएम की वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद ही इन पर गाज गिरी है। सीएमएचआे की तमाम गड़बड़ियों में संलिप्तता की शिकायतों व विवादित रहने के मामलों को काफी दिनों से सीएम शिवराज व शासन तक पहुंचाया जा रहा था।

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डाॅ.केके श्रीवास्तव का विवादों से रहा है गहरा नाता !

हटाए गए सीएमएचओ डाॅ.केके श्रीवास्तव विवादों में हमेशा घिरे रहे। सीएमएचओ का कार्यभार संभालते ही उन्होंने आशा सहयोगिनी के रिक्त पदों को भरने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की। आवेदन आने, चयन प्रक्रिया से गुजरने के बाद सूची तक तैयार हो गई लेकिन उन्होंने फाइनल लिस्ट जारी नहीं की। नियुक्त किए गए अभ्यर्थियों की लिस्ट जारी करने के लिए अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक ने मौखिक/लिखित रुप से कहा लेकिन किन्हीं कारणों से डाॅ.केके श्रीवास्तव ने किसी की भी नहीं सुनी।

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महामारी के दौरान भर्ती में भी धांधली का आरोप

कोविड-19 में जिला में 70 पदों पर नियुक्तियां की जानी थी। इसमें चिकित्सक, फार्मासिस्ट, एएनएम, स्टाॅफ नर्स, लैब टेक्निशियन व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्तियां होनी थी। नियुक्त किए गए अभ्यर्थियों की सूची जारी होने के बाद बवाल मच गया। आरोप लगा कि पात्र अभ्यर्थियों के दस्तावेज गायब करा दिए गए और अनअर्ह लोगों को भर्ती कर लिया गया। यह भी आरोप लगा कि किसको नियुक्त करना है यह पहले ही तय कर लिया गया था क्योंकि सूची जारी होने के पहले ही वे लोग काम करने लगे थे।

कलेक्टर से विवाद भी रहा सुर्खियों में, करा दिया था हड़ताल

सीएमएचओ डाॅ. केके श्रीवास्तव कलेक्टर नीरज कुमार सिंह से हुए विवाद में भी काफी सुर्खियों में रहे थे। कलेक्टर ने सीएमएचओ को फटकार लगाई थी इसके बाद सीएमएचओ ने स्वास्थ्य सेवाओं को ठप कराकर हड़ताल करा दिया था। पूरे जिला में हुआ यह हड़ताल काफी चर्चा में रहा।

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नर्सिंग काॅलेज की स्वीकृति के लिए गलत सूचना देने का भी आरोप

हटाए गए सीएमएचओ डाॅ.केके श्रीवास्तव पर गलत रिपोर्टिंग कराने का भी आरोप है। खिलचीपुर शहर में 200 बेड वाला अस्पताल उन्होंने कागजों में दर्शा दिया। इसी आधार पर वह नर्सिंग काॅलेज खोलने के लिए स्वीकृति पत्र भी शासन से जारी कराने की कोशिश किए थे। फर्जी दस्तावेजों पर नर्सिंग काॅलेज की अनुमति भोपाल से उन्होंने ले भी ली थी। लेकिन बाद में इस फर्जीवाड़ा का खुलासा होने के बाद अधिकारियों ने आनन फानन में इस अनुमति आदेश को निरस्त किया।

सीएम की वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद हटाया गया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने शनिवार को राजगढ़ जिले के अधिकारियों संग वीडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा की। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के रोकथाम के उपायों पर चर्चा की। स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों व तौर तरीकों से सीएम कुछ नाखुश लगे।

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By: Bhanu Thakur