5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CG News: 27 सप्ताह में जन्मी बच्ची को मिला नया जीवन, ब्लड में इंफेक्शन था, दिल में छेद फिर भी जीत ली जिंदगी की जंग

CG News: समय से पूर्व 27 सप्ताह में जन्मी बच्ची का वजन 750 ग्राम था। भर्ती के समय बच्ची का ऑक्सीजन लेवल 56 प्रतिशत था। सांस लेने में अधिक परेशानी हो रही थी।

2 min read
Google source verification
CG News: 27 सप्ताह में जन्मी बच्ची को मिला नया जीवन, ब्लड में इंफेक्शन था, दिल में छेद फिर भी जीत ली जिंदगी की जंग

CG News: वनांचल मोहला ब्लॉक के चंदन बिहरी में 27 सप्ताह में ही जन्म लेने वाले क्रिटिकल बच्ची को पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें दो माह और 20 दिनों तक इलाज के बाद दूसरा जीवन दिया है। बच्ची को पूर्ण रूप से स्वस्थ्य होने पर 8 मई को डिस्चार्ज किया गया। बच्चे के माता-पिता योगिता-जशवंत यादव और परिजनों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों के प्रति आभार जताया।

यह भी पढ़ें: CGBSE Board Result: ब्लड कैंसर के बाद भी नहीं मानी हार, 10वीं में किया टॉप, जानें छात्रा ने क्या कहा

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीआरओ डॉ. पवन जेठानी ने बताया कि उक्त बच्ची को मोहला स्वास्थ्य केंद्र से रेफर किया गया था। यहां 16 फरवरी 2024 को नवजात शिशु को अत्यंत गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया, जहां शिशु को 20 दिन तक वेंटीलेटर एवं 30 दिन तक ऑक्सीजन में रखकर इलाज किया गया। शिशुरोग विभाग के एनआईसीयू में पदस्थ डॉक्टर्स, स्टाफ नर्स एवं अन्य कर्मचारियों की अथक मेहनत एवं लगन से नवजात शिशु का जीवन बचाया जा सका।

समय से पूर्व 27 सप्ताह में जन्मी बच्ची का वजन 750 ग्राम था। भर्ती के समय बच्ची का ऑक्सीजन लेवल 56 प्रतिशत था। सांस लेने में अधिक परेशानी हो रही थी। शिशु को तत्काल वेंटीलेटर में रखकर इलाज प्रारंभ किया गया। जांच में ब्लड में इंफेक्शन होने का पता चला। एंटीबायोटिक दवा दी गई। 5 बार रक्त चढ़ाया गया। एनआईसीयू में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं पोर्टेबल ईको मशीन से जांच उपरांत दिल में छेद के बारे में पता चला, जिसका दवाइयों से उपचार किया गया। शिशु को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने पर 8 मई 2025 को 2 माह 20 दिन बाद डिस्चार्ज किया गया।

इनकी मेहनत रंग लाई

शिशुरोग विभाग के एनआईसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) के प्रमुख डॉ. अजय कोसम के मार्गदर्शन में डॉ. रेणुका नेताम, डॉ. धनंजय सिंह, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. यश जैन, डॉ. साकेत ठाकरे, डॉ. आयुष जैन एवं डॉ. कबीर द्वारा बच्चे का इलाज किया गया। एनआईसीयू प्रभारी नर्स वीणा एवका एवं स्टाफ नर्स त्रिवेणी, विनी, रीना एवं अन्य स्टाफ नर्स के सहयोग से शिशु पूर्ण रूप से स्वस्थ हुआ।