अफसर बनकर समाज सेवा करना चाहती है 75 प्रतिशत दिव्यांग मानती

अफसर बनकर समाज सेवा करना चाहती है 75 प्रतिशत दिव्यांग मानती

Govind Sahu | Publish: Jul, 13 2018 08:33:58 PM (IST) Rajnandgaon, Chhattisgarh, India

मानती का दिग्विजय कॉलेज में दाखिला, कॉलेज प्रबंधन उठाएगा पढ़ाई का खर्च, जिले के अंतिम छोर साल्हेवारा की रहने वाली है आदिवासी बेटी

गोविंद साहू
राजनादगांव. जिले के अंतिम छोर में बसे धुर माओवाद प्रभावित क्षेत्र साल्हेवारा की आदिवासी बेटी मानती पिता जालम सिंह कंवर को जिले व प्रदेश के अग्रणी महाविद्यालय दिग्विजय कॉलेज में पढऩे का अवसर मिला है। इस गरीब बेटी के एडमिशन फीस से लेकर पढ़ाई का पूरा जिम्मा कॉलेज प्रबंधन ने उठाया है। यह उस बेटी के लिए एक बड़ा सपना साकार होने के सामान है। चूंकि मानती ७५ प्रतिशत दिव्यांग है, इस वजह से भी जिले के प्रमुख कॉलेज में पढ़ाई का अवसर मिलना उनके लिए बड़ा अचीवमेंट है।


मानती ने 'पत्रिका' से चर्चा में बताया कि वे बेहद खुश हैं कि उन्हें दिग्विजय कॉलेज में पढऩे का मौका मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में अब तक किसी ने भी स्कूल तक का भी चेहरा नहीं देखा है। वह खूब पढ़-लिखकर अफसर बनना चाहती है। पढ़ाई के दम पर ऊंचे पद पर पहुंचकर समाज की सेवा कर अपने परिवार, गांव व गुरुजनों का नाम रोशन करना चाहती है। इस तरह से वह अपने परिवार की गरीबी भी दूर करना चाहती है। मानती ने बताया कि कॉलेज में एडमिशन के लिए छात्रनेता ऋषि शास्त्री व राजा यादव ने उनकी मदद की है।

घर में किसी नहीं की है पढ़ाई
मानती ने बीए प्रथम वर्ष के भूगोल, अर्थशास्त्र, व राजनीतिक विज्ञान विषयों लेकर कॉलेज में प्रवेश ली है। बेहद खुश नजर आ रही मानती ने बताया कि वह कभी दिग्विजय कॉलेज नहीं आई थी। उन्होंने छात्र नेताओं के साथ पूरा कॉलेज कैंपस का भ्रमण किया। इस दौरान कॉलेज से संबंधित विभिन्न जानकारी भी ली।

पूरी प्रक्रिया में की मदद
छात्र नेता शास्त्री ने बताया कि दिव्यांग मानती कॉलेज परिसर में इधर-उधर भटक रही थी। उनसे मिलकर उन्हें प्रवेश संबंधी जानकारी देते हुए प्रवेश फार्म भरने से लेकर आवेदन फीस माफ कराने तक पूरी प्रक्रिया में उनकी मदद की। मानती की फीस व पढ़ाई का खर्च कॉलेज प्रबंधन उठाएगा। इस संबंध में हमने प्रबंधन से अपील करते हुए उनकी मदद करने की मांग रखी।


इस तरह की सुविधा भी मिलेगी
अध्ययन के लिए लाइब्रेरी से पुस्तकें। दिव्यांग यदि गरीबी रेखा के दायरे में हो तो उसे छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है। प्रबंधन ने भी दिव्यांग छात्रा का हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया है।

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