
रतलाम। यदि ये लोग आपके आस-पास रहते है, तो आपको इनसे सर्तक रहने की जरूरत है, क्यो कि ये आपको भी अपना शिकार बना सकते है। दिखने में ये भले ही मासूम हो, लेकिन वास्तविकता में यह जुर्म की दुनिया के खिलाड़ी हो गए है। लंबे समय से पुलिस के लिए सर दर्द बने यह बदमाश अब जाकर पुलिस के हत्थे चढ़े है। जिले में बीते कुछ समय पहले हुई लूट व डकैती की दो वारदातों का खुलासा शुक्रवार को किया। पुलिस ने मामले में मास्टर माइंड सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया। आरोपियों के दो अन्य साथी अब भी फरार है। पुलिस ने आरोपियों से लूट व डकैती की राशी के साथ वारदात को अंजाम देने के समय उपयोग में ली गई बाइक भी जब्त की है।
लूट व डकैती की वारदात का खुलासा पुलिस अधीक्षक अमितसिंह ने शुक्रवार दोपहर पुलिस नियंत्रण कक्ष पर किया। इसमें बताया कि पुलिस ने इन दोनों वारदातों में शामिल चौरासी बडायला निवासी परमानंद पिता समरथ, मावता निवासी राजकुमार पाटीदार व यहीं के निवासी सुखदेव गायरी को गिरफ्तार किया है। नामली व पिपलोदा क्षेत्र में हुई इन दोनों वारदातों में यह आरोपी शामिल थे। पुलिस को अब इनके फरार साथी मावता निवासी राधे उर्फ राधेश्याम बैरागी व रणायरा निवासी कान्हा उर्फ कन्हैयालाल कुमावत की तलाश जारी है। पुलिस ने नामली में हुई डकैती के मामले में परमानंद से १६ हजार, राजकुमार व सुखदेव से दो-दो हजार रुपए बरामद किए है, जबकि पिपलौदा में हुई लूट के मामले में एक बाइक जब्त की है।
इन मामलों का हुआ खुलासा
केस - एक
आरोपियों ने ४ अगस्त २०१७ को नामली में मलेनी नदी के पास इंदौर के जवाहर मार्ग निवासी हाजी रमजान पठान व उसके परिवार से मारपीट कर २८ हजार रुपए लूट लिए थे। पीडि़त ने बताया था कि वह रास्ते से गुजर रहे थे, तभी उनकी कार अचानक से पंचर हो गई थी। चालक व परिवार की महिलाएं गाड़ी में बैठी थी। तभी सात लोग आए और उनसे मारपीट कर रुपए छिनकर भाग गए थे। घटना की शिकायत पर नामली पुलिस ने डकैती का मामला दर्ज किया था।
केस - दो
पिपलोदा थानांतर्गत बड़ायला माता व नांदलेटा के बीच ३ अक्टूबर २०१७ को तीन बदमाशों ने माइक्रो फायनेंस कंपनी के कर्मचारी कमल से कलेक्शन के ६५ हजार रुपए लूटकर भाग गए थे। पुलिस के अनुसार सिहोर के गवाखेड़ा निवासी कमल मालवीय घटना के दिन कलेक्शन कर बाइक से लौट रहा था। रास्ते में बाइक खड़ी कर तीन आरोपी मुंह पर कपड़ा बांध खडे़ थे। उन्होंने कमल को बाइक को गिराया और उससे मारपीट की। ये देख रास्ते से गुजर रहे महिला व पुरुष ने गाड़ी रोक आपत्ति ली तो आरोपियों ने उन्हें डराकर भगा दिया था। उसके बाद आरोपी पीडि़त का बैग लेकर भाग गए थे।
खरीद ली थी बाइक
आरोपियों ने लूट की इस वारदात को अंजाम देने के बाद २७ हजार रुपए जमाकर एक बाइक खरीद ली थी, जिसके माध्यम से वह लूट की वारदात को अंजाम देने में लगे थे। पुलिस ने वह बाइक भी जब्त कर ली है। वहीं शेष बची राशी जब्त करना शेष है। परमानंद व उसके एक अन्य साथी के खिलाफ पूर्व में भी अपराध पंजीबद्ध है।
एेसे आए हाथपुलिस की माने तो ११ दिसंबर २०१७ को फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से चार लाख १८ हजार की लूट का उसने १६ दिसंबर को खुलासा किया था। पुलिस ने इसमें पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने मास्टर माइंड परमानंद को होना बताया था। उसके बाद से पुलिस उसे तलाश रही थी। ११ जनवरी को पुलिस को उसके बारे सूचना मिलने पर उसे गिरफ्तार किया, तो दो और वारदातों में उसके व अन्य साथियों के शामिल होने की जानकारी मिली। इस पर पुलिस ने दबिश देकर दो और साथियों को गिरफ्तार कर इन दो और वारदातों का खुलासा किया।
Published on:
12 Jan 2018, 7:34 PM IST
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