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मेडिकल कॉलेज में औपचारिकता, बोर्ड फिर उल्टा

मेडिकल कॉलेज के विश्रामगृह में दिन में भी ताले, आसपास अब भी घास-फूस और झाडिय़ां फैली हैं। सुनसान रास्ते से महिलाओं का पहुंचना मुश्किल।
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रतलाम

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Gourishankar singh Jodha

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Updated: 28 Oct 2026, 9:22 PM IST

Medical College news

मेडिकल कॉलेज के विश्रामगृह में दिन में भी ताले, आसपास अब भी घास-फूस और झाडिय़ां फैली हैं। सुनसान रास्ते से महिलाओं का पहुंचना मुश्किल।

रतलाम। मेडिकल कॉलेज में मरीजों के परिजनों के लिए बने विश्रामगृह, स्नानगृह और शौचालय की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। जिम्मेदार केवल औपचारिकता निभाते दिख रहे हैं। अव्यवस्थाओं को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद परिसर में थोड़ी-बहुत साफ-सफाई करवाई गई थी, लेकिन कुछ दूरी तक घास-फूस हटाने के बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया।

अब हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं। स्नानगृह और शौचालय का बोर्ड भी सही करने के बाद दोबारा उल्टा लटक गया है। विश्रामगृह में दिन में भी ताले लगे रहते हैं, जिससे मरीजों के परिजनों, विशेषकर महिलाओं को ठहरने में परेशानी होती है। सुनसान रास्तों के कारण महिलाओं का यहां तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। यहां के कर्मचारियों की माने तो कोई यहां तक आता नहीं।

स्नानगृह और शौचालय की स्थिति भी ठीक नहीं
विश्रामगृह के आसपास अब भी घास-फूस और झाडिय़ां फैली हैं। यहां तक पहुंचने का रास्ता सुनसान है। हैरानी यह है कि रात ही नहीं, दिन में भी विश्रामगृह पर ताले लगे रहते हैं। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों को ठहरने और दैनिक जरूरतें पूरी करने में परेशानी उठानी पड़ रही है।

व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं
मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम रूप के पीछे बना रखे स्नानगृह और शौचालय की स्थिति भी ठीक नहीं है। देखरेख के अभाव में अंदर सुविधाएं टूट-फूट रही है। उल्टे बोर्ड के कारण नए लोगों को यह तक पता नहीं चलता कि यहां स्नानगृह और शौचालय की सुविधा है।

क्या कहते मरीजों के परिजन
मरीजों के परिजन देवीलाल सोलंकी और सौरभ ने बताया कि वे पिछली रात से यहां हैं। सुबह लोगों से पूछने पर उन्हें नहाने के लिए पीछे जाने को कहा गया। महिलाओं को सुनसान रास्ते से अकेले वहां भेजना भी मुश्किल है। सामने पोस्टमार्टम कक्ष और उसके पीछे विश्रामगृह होने से परिजन असहज महसूस करते हैं।

सफाई अधूरी, सुविधाएं बदहाल
विश्रामगृह में हमेशा ताले लगे रहते हैं।
साफ-सफाई घास-फूस हटाने का काम अधूरा।
स्नानगृह-शौचालय देखरेख के अभाव में टूट-फूट।
सही करने के बाद फिर उल्टा लटक गया।
सुनसान रास्ते और असुरक्षित माहौल के कारण पहुंचना मुश्किल।