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heritage train रेलवे चलाने वाली है हेरिटैज ट्रेन, यहां मिलेगा प्रकृति का आनंद

heritage train रेलवे चलाने वाली है हेरिटैज ट्रेन, यहां मिलेगा प्रकृति का आनंद
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रतलाम

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Ashish Pathak

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Updated: 16 Nov 2018, 10:47 AM IST

heritage train

Many trains canceled due to non-interliking work

रतलाम। अगर आप प्रकृति पे्रमी है तो रेलवे आपको दिसंबर माह में एक खास तोहफा देने जा रही है। इसके लिए भारतीय रेलवे ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल में यात्रियों को पहली हेरिटैज ट्रेन में बैठने को मिलेगा।

रेल मंडल में पातालपानी में हेरिटैज ट्रेन चलाने, डबलीकरण व सनावद तक नई ब्राडगेज लाइन बिछाने के कार्य में तेजी आ गई है। इसकी वजह रेलवे बोर्ड द्वारा इसकी साप्ताहीक रिपोर्ट लेना है। मंडल के डीआरएम आरएन सुनकर ने दो दिन तक इन क्षेत्र का सघन निरीक्षण करके कार्य की रफ्तार तेज करने को कहा है।

लौहानी ने कहा था, यहां चलाओ ट्रेन

बता दे कि महू पातालपानी क्षेत्र में नई ब्राडगेज लाइन डालने के लिए जब पूर्व की पटरी को हटाने के कार्य की शुरुआत हुई तब रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्विनी लौहानी ने यहां का निरीक्षण किया था। इसके बाद वहां की प्राकृतिक सुंदरता देखकर वे काफी प्रभवित हुए। इसके बाद ही पातालपानी क्षेत्र में हेरिटैज ट्रेन चलाने की योजना पर कार्य की शुरुआत हुई। दिसंबर की २५ तारीख तयहेरिटैज ट्रेन चलाने के लिए रेलवे ने 25 दिसंबर की तारीख तय की है। इसके लिए मंडल को बता दिया गया है।

धीमा हो रहा था काम

इंजीनियरिंग विभाग ने यहां पर कार्य को धीमे रखा था, लेकिन बोर्ड से इस मामले में इंजीनियरिंग विभाग को पड़ी फटकार के बाद अब काम में तेजी आ गई है। इतना ही नहीं, इसके अलावा महू से सनावद तक ब्राडगेज लाइन डालने के कार्य को भी तेज कर दिया गया है। इसके लिए रेलवे ने 2019 का लक्ष्य तय किया है। बिजलीकरण भी तेजी सेइन सब के बीच रतलाम से लक्ष्मीबाईनगर तक रेल लाइन का बिजलीकरण कार्य भी तेज कर दिया गया है।

ट्रेनों का ठहराव नहीं

इस समय रतलाम से नौगांव तक ये कार्य हो गया है। इसके अलावा बीच-बीच के सेक्शन में भी इस कार्य को किया जा रहा है। बता दे कि हर पखवाड़े इस कार्य को स्वयं डीआरएम सुनकर देखने जा रहे है। बताया जाता है कि बिजलीकरण के साथ-साथ लक्ष्मीबाई नगर से इंदौर तक हुए डबलीकरण के बाद अब इसको आगे की लाइन में लाया जा रहा है। इसके बाद क्रासिंग के समय ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा।