
जीएसटी और नोटबंदी का नहीं पड़ेगा असर
रतलाम। दिनभर काम के बाद शाम को समय बिताने के लिए बाजार के व्यापारी आमदिनों की तरह अब भी रात होने पर अलग-अलग चौराहे पर अपने साथियों के साथ नजर आ रहे है, लेकिन आमदिनों की और अब की चर्चा में बहुत अंतर आ गया है। बाजार का हर चौराहा इन दिनों चुनावी चर्चाओं से पटा पड़ा है। जिस चौराहे पर पहुंचों वहां पर सिर्फ चुनाव की ही चर्चाएं हो रही है और कुछ नहीं। इन सबके बीच व्यापारी इस चुनाव में जीएसटी और नोटबंदी के मुद्दे को हावी नहीं होने दे रहे है।
चुनावी मुद्दों को लेकर हर व्यापारी का अपने व्यापार के हिसाब से अलग-अलग तर्क है। व्यापारियों की माने तो जीएसटी व नोटबंदी का मुद्दा अब लगभग गोण हो चुका है। जीएसटी को लेकर थोड़ी परेशानियां अब भी बनी हुई है, लेकिन टैक्स को लेकर जो विसंगतियां थी, उसमें केंद्र सरकार ने कुछ हद तक सुधार किया है। इसी बात को लेकर कुछ व्यापारियों का तर्क था कि सरकार एक देश, एक टैक्स की बात कर रही थी तो उसे उस पर कायम रहना था। जीएसटी के बाद अब भी प्रदेश सरकार सेस सहित अन्य कुछ टैक्स व्यापारी व आमजनता से ले रही है, जो कि गलत है।
नोटबंदी भूले लोग
नोटबंदी को लेकर व्यापारियों का कहना था कि सरकार ने बहुत जल्दबाजी में नोटबंदी व जीएसटी जैसे कदम उठाए थे, जिसके चलते कुछ मामलों में उसकी किरकिरी भी हुई है। इतना ही नहीं इन दोनों व्यवस्थाओं के लागू होने से आमजन केसाथ व्यापारियों पर इसका खासा असर पड़ा है। दोनों को इस दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन यह चुनाव प्रदेश का है, जिसके माध्यम से शहर का विकास जुड़ा है, एेसे में इस चुनाव में इन मुद्दों पर बात नहीं करते हुए स्थानीय मुद्दों और समस्याओं को लेकर सरकार चुनेंगे। बाजार में हुई इस चर्चा के दौरान व्यापारी संदीप सोनी, विमल गेलड़ा, मांगीलाल गांधी, श्रेणीक पोहावाल, कमल मूणत, महेंद्र चौरडि़या, राजेश चौरडि़या, प्रकाश कोठारी व यशवंत यादव मौजूद थे।
Updated on:
15 Oct 2018, 11:17 AM IST
Published on:
15 Oct 2018, 11:17 AM IST
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