
मुनि पुलक सागर
रतलाम। करीब दस वर्ष बाद जैन मुनि पुलक सागर को अपने बीच देखकर सैकड़ों के मन पुलकित हो गए। अवसर था आवार्य पद ग्रहण करने के बाद शहर में मुनि के प्रथम आगमन का। रविवार को जब नगरनिगम तिराहे से मुनि का चल समारोह निकला व शहर के विभिन्न स्थान से निकला तो करीब 100 से अधिक स्थान पर बने वंदनद्धार ने उनका अभिनंदन किया।
चौमुखीपुल चौराहे पर पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी ने पहुंचकर सदमार्ग पर चलने की निंरतर ताकत कायम रहे, इस बात का आशीर्वाद लिया। चल समारोह नगर के विभिन्न मार्ग से होता हुआ सम्मति सागर त्यागी भवन (साठ घर का नोहरा) पहुंचा जहां पर मुनि के अमृत प्रवचन ने रविवार की सुबह को अपने प्रवचनों से धार्मिक बना दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
यह बोले मुनि श्री साठ घर का नोहरा में
यहां आने के बाद मुनि ने कहा कि हम भी वही तुम भी वही। दस वर्ष पूर्व जब आया था तब से अब तक कुछ नहीं बदला। इसी तरह आत्मा की गति है। वो निरंतर यात्रा करती रहती है। अपने कर्म से बदलाव होता है। कर्म को बेहतर करने का निरंतर प्रयास हो। पीड़ा को जो हरे वो रतलाम है। सुबह 8.30 बजे से 9.15 बजे तक मुनि के प्रवचन व शाम को 6.30 आनंद यात्रा प्रतिदिन साठघर का नोहरा में होगी। धर्मसभा के आरम्भ में चंद्र प्रकाश पाटनी, चंद्रप्रकाश पांडे, ओम अग्रवाल, राजेश जैन, अभय जैन आदि ने दीप प्रज्वलन किया। कमलेश पापरीवाल, महेंद्र पणोत, मांगीलाल जैन ने शास्त्र भेट किया। चंद्रसेन गादिया ने पाद पक्षाल किया।
इन मार्गो पर बिछ गए पुष्प
नगर निगम से मुनि का चल समारोह शुरू हुआ। नगर निगम से पैलेस रोड, डालूमोदी बाजार, माणकचौक, घांसबाजार, चौमुखीपुल, चांदनी चौक होते हुए तोपखाना पर साठघर का नोहरा में यह पहुंचा। मार्ग में भक्त गुरु की जयकारे चलते हुए चल रहे थे। इस दौरान जिन मार्ग से चल समारोह निकला, उस मार्ग में स्वागत के पुष्प बिछ गए। करीब 100 से अधिक स्थान पर अभिनंदन के तोरणद्धार बने हुए थे। इस दौरान चौमुख्ीपुल क्षेत्र में पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी ने साथियों सहित मुनि श्री की अगवानी की व सदमार्ग पर चलते रहने की हिम्मत कायम रहे यह आशीर्वाद लिया।
Updated on:
10 Feb 2020 11:03 am
Published on:
10 Feb 2020 07:00 am
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