
रतलाम. यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे तनाव के बीच रतलाम की एक छात्रा भी वहां फंसी हुई है। वहां के हालातों को टीवी समाचारों पर देख यहां मौजूद परिजनों की चिंता बढ़ गई है। दरअसल युवती जिस स्थान पर है, वहां से बॉर्डर करीब 45 किमी दूर होना बताई जा रही है। बेटी को अपने देश सुरक्षित लाने के लिए पिता गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और उनसे मुलाकात कर मदद मांगी।
रतलाम के सुमंगल गार्डन के पास रहने वाली वैशाली पिता विजय राठौड़ 24 वर्ष वर्तमान में यूक्रेन के कारक्यू नाम के स्थान पर है। वैशाली वहां से एमबीबीसी की पढ़ाई कर रही है और वर्तमान में पांचवां वर्ष चल रहा है। गत वर्ष अगस्त माह से वह यूक्रेन में रहकर पढ़ाई कर रही है। यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध को देखते हुए रतलाम निवासी वैशाली के परिजनों को अब उसकी चिंता सताने लगी है। इसी कारण से पिता विजय राठौड़ कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम के पास पहुंचे और मदद मांगी।
आप धैर्य बनाए रखें- कलेक्टर
कलेक्टर के पास मदद के लिए पहुंचे परिजनों को कलेक्टर ने धैर्य रखने की बात कही है। साथ ही वहां के शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए फिलहाल बालिका को घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत देने की बात कही और जैसे ही फ्लाइट चालू हो तो पास के किसी भी देश का वीजा बनवाकर अस्थाई रूप से वहां चले जाए और फिर वहां से अपने देश आए जाए। वहां की एंबेसी के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
एक बैग तैयार रखें
पत्रिका से चर्चा में वैशाली का कहना है कि वैसे तो डर की कोई बात नहीं है लेकिन यहां की सरकार ने कह दिया है कि एक बैग में जरूरी दस्तावेज और कुछ काम का सामान रखकर उसे तैयार रखे और सरकार के अगले आदेश का इंतजार करें। अपने ई-मेल और मैसेज बार-बार जांचते रहे और घर से किसी भी हाल में बाहर घूमने न निकले। बहुत आवश्यक हो तब ही बाहर आए। जरूरत का सारा सामान अपने पास रखे।
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Published on:
25 Feb 2022 06:00 am
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